अधिकारियों ने बताया कि लगभग 30 फुट लंबा और छह फुट चौड़ा यह गलियारा प्रसिद्ध पिरामिड के मुख्य द्वार के ऊपर स्थित है।
गलियारे का क्या उपयोग था, इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। हालांकि इस तरह के गलियारे मिलने से अक्सर भविष्य में होने वाली पुरातात्विक खोज में मदद मिलती है।
मिस्र के पुरातत्वविद जाही हवास और देश के पर्यटन मंत्री अहमद ईसा ने पिरामिड में गलियारा मिलने की घोषणा की थी।
अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम ‘स्कैन पिरामिड परियोजना’ के तहत यह गलियारा खोजा गया था। इस कार्यक्रम के तहत प्राचीन संरचना के उन हिस्सों की पड़ताल की गई थी, जहां पर इससे पहले खोजबीन नहीं की गई थी।
मिस्र की राजधानी काहिरा से लगभग 11 मील दूर स्थित पिरामिड को इसके निर्माता के नाम के अनुसार खूफु का पिरामिड भी कहा जाता है। खूफु प्राचीन मिस्र का चौथे राजवंश का दूसरा फिरौन (राजा) था, जिसने 2509 से 2483 ईसा पूर्व तक शासन किया था।
गीजा पिरामिड प्राचीन विश्व का अंतिम अजूबा है, जो अब भी मौजूद है। करीब 4,500 साल पहले शाही कब्रगाह के रूप में इसे बनाया गया था। बड़ी संख्या में पर्यटक इसे देखने आते हैं।
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