नयी दिल्ली, 11 सितंबर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो साल पहले असम के तिनसुकिया जिले में गोलीबारी के दौरान एक पुलिस अधिकारी की मौत के मामले में उल्फा के सात कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है ।
एनआईए के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है जबकि चार अन्य फरार हैं ।
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यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के एक गुट ने कुजुपाथेर गांव में चार मई, 2018 को पुलिस दल पर हमला कर दिया था। घटना में बोरदुमसा थाना के प्रभारी उपनिरीक्षक भास्कर कलिता की मौत हो गयी थी और उनकी सर्विस राइफल, एक एके-47 लूट ली गयी थी।
एनआईए ने जून 2019 में मामले की जांच का जिम्मा संभाला । इससे पहले असम पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
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प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून, विस्फोटक पदार्थ कानून और हथियार कानून के तहत बृहस्पतिवार को असम के गुवाहाटी में विशेष न्यायाधीश के सामने आरोपपत्र दाखिल किया गया।
उन्होंने कहा कि आरोपपत्र में बुबुल मोरन उर्फ टाइगर असम, दीपांकर बोरा उर्फ घुटुक तथा मामुन धिंगिया (सभी तिनसुकिया के निवासी हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है) के अलावा बिजित गोगोई उर्फ अरूणोदय दाहोतिया, गोलाघाट के कांतो बोरा, संतोष गोगोई सादिया और जुशिंता मोरान को आरोपी बनाया गया ।
एनआईए ने कहा, ‘‘जांच से पता चला है कि उल्फा नेता अरूणोदय दाहोतिया के इशारे पर आरोपियों ने साजिश की जिसके बाद उल्फा के उग्रवादियों के एक गुट ने यह हमला किया।’’
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