कोलकाता, पांच सितंबर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को यहां जाली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) की बांग्लादेश से तस्करी के मामले में दो लोगों को दोषी ठहराते हुए उन्हें चार-चार साल की कैद की सजा सुनाई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के निवासी हबीबुर रहमान (24) और फकीरुल शेख (22) को भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया।
यह भी पढ़े | Chemical layer Mask: लोगों के बीच आ गया केमिकल लेयर वाला मास्क, कोरोना महामारी से बचने में मिलेगी मदद.
एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि रहमान और शेख के पास से छह मार्च 2017 को क्रमश: दो लाख और एक लाख 90 हजार रुपये मूल्य की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की गई थी। इसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
एनआईए ने इस मामले को फिर से दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था।
जांच एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि उन्होंने देश में जाली भारतीय मुद्रा प्राप्त कर उसके परिचालन की आपराधिक साजिश रची।
उन्होंने कहा कि जाली नोट बांग्लादेश से तस्करी कर लाये गए थे और इन लोगों का इरादा उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में चलाने का था।
मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर कोलकाता में विशेष एनआईए अदालत ने आरोपियों को दोषी पाया। अधिकारी ने बताया कि चार-चार साल की कैद के अलावा आरोपियों पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY