नयी दिल्ली, 25 सितंबर राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए, सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकार (एनचएआई) राजमार्ग बनाने वाले ठेकेदारों के संगठन एनएचबीएफ द्वारा दिये गए अधिकांश सुझावों से सहमति जताई है
यह सुझाव नौ विषयों से संबंधित थे जिनमें कोविड-19 के दौरान राहत, बोली प्रक्रिया, ठेका प्रबंधन, ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण), एचएएम (हाइब्रिड एन्युटी मोड) और बीओटी (बनाओ, चलाओ और सौंप दो) समझौतों और परियोजना तैयारियां शामिल हैं।
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘मुद्दों को हल करने और राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने के लिए, एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग बिल्डर्स महासंघ (एनएचबीएफ) द्वारा परियोजना डिलवरी से संबंधित अधिकांश सुझावों पर सहमति व्यक्त की है।’’
नीति संबंधी मामलों से संबंधित अन्य सुझाव मंत्रालय को विचारार्थ भेजे गए हैं।
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एनएचएआई द्वारा स्वीकार किए गए कुछ प्रमुख सुझावों में कोविड-19 के मद्देनजर परियोजना निदेशक के द्वारा बिना किसी लागत या जुर्माना लगाये, निर्माण अवधि के लिए ठेकेदार के समय को तीन महीने और क्षेत्रीय अधिकारी के स्तर पर समयसीमा को तीन महीने से अधिक छह महीने तक के लिए बढ़ाना शामिल है।
मार्च 2020 में, एनएचएआई ने ऑनलाइन माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया और यह सुनिश्चित किया कि लॉकडाउन के दौरान कार्यालय बंद होने के कारण कोई भुगतान लंबित न रहे।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में, एनएचएआई ने विक्रेताओं को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया।
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