देश की खबरें | एनजीटी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही को लेकर केरल सरकार को फटकार लगायी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केरल सरकार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर ‘‘सार्थक कार्रवाई’’ करने में उसकी विफलता और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही को लेकर फटकार लगायी है।

एनजीटी ने कहा कि एक नियामक के रूप में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) द्वारा अपेक्षित कोई ठोस उपाय नहीं किया गया।

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एनजीटी ने कहा कि स्थानीय निकाय और शहरी विकास विभाग केरल के कोच्चि शहर के बाहरी इलाके स्थित ‘भरमपुरम सॉलिड वेस्ट प्लांट’ में अपशिष्ट के प्रबंधन और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने में विफल रहे हैं, जिससे पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

उसने कहा कि कचरे का समुचित पृथक्करण नहीं किया गया और शोधन के लिए अपशिष्ट संग्रह और हस्तांतरण में बहुत बड़ा अंतर था।

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एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने केरल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह मामले को गंभीरता से लें और और सचिव, शहरी विकास विभाग, अध्यक्ष, राज्य पीसीबी और संबंधित नगर आयुक्त वाला तीन सदस्यीय दल का गठन करके उपचारात्मक कार्रवाई करें।

पीठ ने कहा कि केरल के मुख्य सचिव इन निर्देशों के अनुपालन की कम से कम मासिक आधार पर निजी तौर पर निगरानी कर सकते हैं और कार्यवाही को रिकार्ड कर सकते हैं।

अधिकरण ने मुख्य सचिव को इस मुद्दे पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए कहा, ‘‘मुख्य सचिव यह निर्देश दे सकते हैं कि यदि लक्षित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो दोषी अधिकारी एक निर्दिष्ट तिथि से अपना वेतन लेने के हकदार नहीं होंगे।’’

इससे पहले, केरल उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए वी रामकृष्ण पिल्लई से एक रिपोर्ट प्राप्त की गई थी कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों, 2016 का उल्लंघन करते हुए कोच्चि शहर के बाहरी इलाके में ‘भरमपुरम सॉलिड वेस्ट प्लांट’ में कचरे को अवैज्ञानिक रूप से डाला जा रहा है जो प्रदूषण का कारण बन रहा है और वहां आग भी लग गई थी।

अधिकरण का यह निर्देश उस मामले की सुनवायी के दौरान आया जिसमें राज्य में ठोस अपशिष्ट के संग्रहण, भंडारण, पृथक्करण और निपटारे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश का अनुरोध किया गया था।

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