नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बुधवार को एक पोल्ट्री फार्म के मालिक को अपनी इकाई बंद करने के खिलाफ हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सामने दो हफ्ते के भीतर अभिवेदन देने को कहा।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रदूषण मुक्त पर्यावरण बुनियादी अधिकार है। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता पोल्ट्री फार्म को पर्यावरण मानकों का पालन करने पर ही संचालन की अनुमति दी जा सकती है।
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पीठ ने कहा, ‘‘चूंकि आदेश से साफ नहीं है कि इसे जारी करने से पहले याचिकाकर्ता को सुना गया था या नहीं, इसलिए हम आज से दो हफ्ते के भीतर याचिकाकर्ता को अभिवेदन देने की अनुमति प्रदान करते हैं। अगर दो हफ्ते के भीतर अभिवेदन दिया गया तो इसके बाद एक महीने के भीतर फैसला हो जाना चाहिए।’’
अधिकरण ने स्पष्ट किया कि पोल्ट्री फार्म को लेकर दिशा-निर्देश की तारीख पर विचार किए बिना बोर्ड पहले अनुपालन की पुष्टि कर ले और शर्तें पूरी होने पर संचालन की अनुमति प्रदान करे।
हरित अधिकरण ने प्रेम पोल्ट्री फार्म की ओर से दाखिल एक याचिका पर सुनवाई की। अपशिष्ट के भंडारण की ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण इकाई को बंद करने के राज्य के प्रदूषण बोर्ड के आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने अधिकरण का रुख किया।
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उसे अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर नहीं दिया गया और इकाई में किसी तरह की कमी नहीं है।
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