बेंगलुरु, 17 सितंबर कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य अशोक गस्ती का बृहस्पतिवार रात निधन हो गया। वह 55 वर्ष के थे।
गस्ती को दो सितंबर को ‘ओल्ड एयरपोर्ट रोड’ स्थित मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अस्पताल के निदेशक मनीष राय ने एक बयान में बताया कि गस्ती को कोविड-19 के कारण गंभीर निमोनिया हो गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गस्ती के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘राज्यसभा सदस्य अशोक गस्ती समर्पित कार्यकर्ता थे, जिन्होंने कर्नाटक में पार्टी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की। वह गरीबों और समाज के वंचित तबकों को सशक्त बनाने को लेकर जुनूनी थे। मैं उनके निधन से दु:खी हूं। मैं उनके परिवार एवं मित्रों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ओम शांति।’’
यह भी पढ़े | हरसिमरत कौर बादल का इस्तीफा ‘नाटक’, मोदी सरकार से समर्थन वापस क्यों नहीं लिया: कांग्रेस.
राय ने बताया कि गस्ती गंभीर रूप से बीमार थे, उनके कई अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया था और वह जीवनरक्षक प्रणाली पर थे तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहा था।
राय ने कहा, ‘‘हम उनके निधन से शोकाकुल हैं और उनके परिवार एवं मित्रों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।’’
जमीनी स्तर के कार्यकर्ता एवं रायचूर के रहने वाले गस्ती को भाजपा के टिकट पर इस साल जून में निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुना गया था।
सविता समाज से संबंधित गस्ती आरएसएस कार्यकर्ता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय सदस्य रहे थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY