अमरावती, 26 सितंबर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 7,270 करोड़ रुपये का राज्य सहायता कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है ताकि 'भारतीय सड़कों पर शून्य दुर्घटनाओं' के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिल सके।
केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित छह वर्षीय कार्यक्रम को उन 14 राज्यों में लागू किया जाएगा जहां देश में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं में से 85 प्रतिशत होती हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 3635 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता देगा जबकि विश्व बैंक और एशिया विकास बैंक से 1818-1818 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाएगा।
कुल राशि में से, 6,725 करोड़ रुपये 14 राज्यों को उनके प्रदर्शन के आधार पर वितरित किए जाएंगे, जबकि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय क्षमता निर्माण गतिविधियों पर 545 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
राज्य को भेजे गए अवधारणा नोट में मंत्रालय ने कहा कि यह योजना राज्य सरकारों को जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा हस्तक्षेप के लिए प्रोत्साहित करेगी जिसका मकसद सड़क हादसों को रोकना और हताहतों की संख्या में कमी लाना है।
इस योजना के तहत लक्षित राज्य उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, बिहार, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, हरियाणा और असम हैं।
शीर्ष आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई-’ से कहा, “यह कार्य (आउटपुट) और परिणाम-संचालित योजना है जिसमें राज्यों का (सड़क सुरक्षा हस्तक्षेप के) 11 अनिवार्य और तीन वैकल्पिक संकेतकों पर प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।”
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