नयी दिल्ली, 20 अप्रैल दिल्ली रेरा के चेयरमैन आनंद कुमार ने बृहस्पतिवार को रियल एस्टेट क्षेत्र की वृद्धि के लिए इससे संबंधि नियमों ‘रेरा’ के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने बिल्डरों को लागत कम करने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए भी कहा।
उद्योग निकाय पीएचडीसीसीआई की ओर से आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि सभी संबंधित लोगों- सरकारी प्रशासन, बिल्डर, संपत्ति एजेंट और उपभोक्ताओं को रियल एस्टेट क्षेत्र की तेज वृद्धि के लिए साथ काम करने की जरूरत है।
दिल्ली रेरा के चेयरमैन ने कहा कि ज्यादातर बिल्डर और ब्रोकर ‘रेरा’ यानी रियल एस्टेट (नियमन एवं विकास) अधिनियम से डरते हैं और इसके प्रावधानों से बचने का प्रयास करते हैं।
कुमार ने कहा, “रेरा अधिनियम न सिर्फ नियम बनाने के लिए है बल्कि पारदर्शिता बढ़ाने और रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास के लिए भी है।”
उन्होंने कहा कि अधिनियम के अंतर्गत नियामक सुविधा प्रदाता हैं।
उन्होंने संबंधित लोगों के बीच इस कानून के बारे में जागरूकता की कमी पर खेद जताया और कहा कि इस दिशा में काम करने की जरूरत है।
कुमार ने बिल्डरों को लागत घटना के लिए नई प्रौद्योगिकियां अपनाने के लिए कहा।
उन्होंने दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार पर कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में बहुत जमीन उपलब्ध है और इसका उपयोग विभिन्न परियोजनाओं के विकास में होना चाहिए।
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