नयी दिल्ली, तीन दिसंबर नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि समुद्र में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए देश को तीसरे विमानवाहक पोत की ‘‘सख्त जरूरत’’ है।
चार दिसंबर को नौसेना दिवस के पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एडमिरल सिंह ने कहा कि नौसेना तीसरे विमानवाहक पोत के लिए अपनी योजना के साथ आगे बढ़ रही है और सभी जरूरी तकनीकी विवरण जुटाने के बाद सरकार के पास यह प्रस्ताव रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने तीसरे विमानवाहक पोत के लिए अब तक सरकार से नहीं कहा है। लेकिन, विमानवाहक पोत की उपयोगिता के मामले में हमारी राय बिल्कुल स्पष्ट है। ऐसा इसलिए कि नौसैन्य अभियान में हवाई परिचालन भी शामिल है। समुद्र में हवाई क्षमता बहुत महत्वपूर्ण है। ’’
नौसेना प्रमुख ने कहा कि आंकाक्षी भारत के लिए विमानवाहक पोत ‘अत्यंत जरूरी’ है और यह हमारी क्षमता को और बढ़ाएगा।
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चीन की बढ़ती आक्रामकता और हिंद महासागर में उसके बढ़ते असर के मद्देनजर नौसेना तीसरे विमानवाहक पोत पर जोर दे रही है। वर्तमान में भारत के पास एक विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य है।
स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत के 2022 तक सेवा में शामिल होने की संभावना है ।
नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर आप एक ऐसा देश हैं जिसकी आकांक्षाएं हैं, अगर आप पांच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वाला देश बनना चाहते हैं, अगर आप अच्छा करना चाहते हैं...तो आपको आगे बढ़ना होगा। इसलिए हवाई ताकत जरूरी है। विमानवाहक पोत अत्यंत जरूरी है।’’
फरवरी में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने संकेत दिया था कि समुद्री बेड़े की क्षमता बढ़ाने के लिए तीसरे विमानवाहक पोत को फिलहाल मंजूरी शायद नहीं मिलेगी। सैन्य खरीद की जिम्मेदारी संभाल रहे जनरल रावत ने कहा था था कि खर्च बहुत बड़ा पहलू है क्योंकि विमानवाहक पोत पर बहुत लागत आती है।
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