चेन्नई, 28 मई तमिलनाडु सरकार ने मद्रास उच्च न्यायालय को बताया कि राजीव गांधी हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी को श्रीलंका में अपनी सास से बात करने के लिए वीडियो कॉल की अनुमति नहीं दी जा सकती।
सरकार ने कहा कि तमिलनाडु जेल नियमों या सरकारी आदेशों में ऐसा कोई प्रवाधान नहीं है जो कैदियों को किसी व्यक्ति से बात करने के लिए वीडियो या ऑडियो कॉल करने की अनुमति देता हो और इसलिए अदालत नलिनी को यह अधिकार नहीं दे सकती।
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राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी टी आशा की खंडपीठ के समक्ष यह अभिवेदन नलिनी की मां एस पद्मा की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया।
पीठ ने मामले की सुनवाई एक जून तक के लिए टाल दी।
याचिकाकर्ता ने आग्रह किया कि उसकी बेटी को हर रोज कम से कम 10 मिनट के लिए श्रीलंका में मौजूद उसकी सास तथा लंदन में मौजूद उसकी ननद से बात करने दी जाए।
याचिका में नलिनी के पति श्रीहरन उर्फ मुरुगन को भी यह सुविधा देने का आग्रह किया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारों को शुरू में फांसी की सजा सुनाई गई थी जो बाद में उम्रकैद में तबदील कर दी गई।
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