कोलकाता/गुवाहाटी, 25 फरवरी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता को ''कटमनी'' और ''टोलाबाजी'' (वसूली) से मुकाबले के लिए टीके की आवश्यकता है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी असम में विपक्षियों पर निशाना साधा।
दोनों नेताओं ने राज्यों के सांस्कृतिक एवं स्थानीय प्रतीकों से भाजपा को जोड़ने का प्रयास किया।
पश्चिम बंगाल में परिवर्तन यात्रा रैली के संपन्न होने पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए नड्डा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ''वास्तविक बंगाली संस्कृति'' का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं और यदि भाजपा सत्ता में आई तो इसे बहाल करेगी।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को ‘‘आराम’’ करने के लिए भेजना होगा और भाजपा को सरकार चलाने का काम देना चाहिए।
उधर, असम के बोरदुवा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि उसने असम में ‘‘सत्ता की लालसा’’ में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ से हाथ मिलाया है।
शाह ने 15-16वीं सदी के संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थल बोरदुवा में एक जनसभा में कहा कि राज्य में सत्ता प्राप्ति का कांग्रेस का ‘‘लालच’’ पूरा नहीं होगा और भाजपा असमी पहचान की प्रतीक अपनी सहयोगी असम गण परिषद के साथ विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस अजमल के साथ हाथ मिलाकर सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात करती है। यह केवल सत्ता की लालसा की वजह से है कि उसने अजमल से हाथ मिलाया है।’’
शाह ने असम से राज्यसभा सदस्य मनमोहन सिंह का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस ने राज्य से निर्वाचित प्रधानमंत्री होने के बावजूद असम को हिंसा और घुसपैठ से मुक्त कराने के लिए कुछ भी नहीं किया।’’
लोकसभा सदस्य अजमल के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) का बांग्ला बोलने वाले असमी मुसलमानों में खासा प्रभाव है।
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