इंदौर, एक मार्च वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मध्य प्रदेश सरकार के बुधवार को पेश बजट की औद्योगिक संगठनों ने जमकर तारीफ की, जबकि कारोबारी संगठनों के एक महासंघ ने ठंडी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि इस ‘‘चुनावी बजट’’ में व्यापार जगत के लिए कुछ भी नहीं है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अनिमेष जैन ने आगामी वित्त वर्ष के लिए राज्य के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश 3.14 लाख करोड़ रुपये के बजट को ‘जनहितैषी’ करार दिया।
उन्होंने राज्य सरकार द्वारा 131 गैर जरूरी अधिनियमों को समाप्त किए जाने और ‘‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज’’ योजना के तहत 35 सेवाओं की मंजूरी कारोबार शुरू होने के पहले दिन से मान लिए जाने के प्रावधान का स्वागत किया। जैन ने कहा,‘‘हम औद्योगिक क्षेत्र के नियम-कायदों को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद देना चाहेंगे।’’
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिनेश पाटीदार ने बजट के हरित प्रस्तावों का स्वागत किया।पाटीदार ने कहा,‘‘बरसों पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने की नीति के कारण सूबे में बिजली से चलने वाले पर्यावरणानुकूल वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा।’’
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने 15 साल पुराने वाहनों को सड़कों से हटाने और उन्हें वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने की केंद्रीय नीति को एक अप्रैल से लागू करने का बजट प्रस्ताव पेश किया है। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार के करीब 1,000 सरकारी वाहनों का परिचालन बंद होगा और इनके बदले "यथासंभव बिजली चालित वाहन खरीदने की नीति" पर अमल होगा।
सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के औद्योगिक संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश के अध्यक्ष योगेश मेहता ने राज्य सरकार के बजट को ‘‘सभी वर्गों के लिए विकासोन्मुखी’’ करार दिया।
उन्होंने कहा कि बजट में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने पर खास जोर दिया गया है। मेहता ने कहा कि राज्य में दो नये आईटी पार्क समेत कुल 14 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 7,500 एकड़ जमीन विकसित किए जाने का बजट प्रस्ताव दूरगामी कदम है जिससे रोजगार में इजाफा होगा।
प्रदेश के आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर के कारोबारी संगठनों के महासंघ अहिल्या चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने बजट को ‘‘चुनावी बजट’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में व्यापार जगत के लिए कुछ भी नहीं है।
खंडेलवाल ने कहा,‘‘बजट में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 8,000 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों में महिला मतदाताओं को साधने की स्पष्ट कवायद है।’’
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