देश की खबरें | मप्र विधानसभा: कांग्रेस विधायक पटवारी को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया

भोपाल, दो मार्च कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को कथित रूप से ‘झूठा बयान’ देने पर मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शेष अवधि के लिए बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया गया। उनसे विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी टिप्पणी पर माफी मांगने के लिए कहा था जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।

पटवारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए दावा किया था कि मध्य प्रदेश सरकार ने गुजरात के जामनगर के एक निजी चिड़ियाघर को छह बाघ, पांच शेर, घड़ियाल, दो लोमड़ी दिये और बदले में कुछ छिपकली, तोते जैसे पक्षी आदि मिले।

पटवारी के इस बयान का सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया और प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मांग की कि पटवारी अपने बयान की एक प्रति सदन के पटल पर रखें।

मिश्रा ने कहा कि उनकी सरकार ‘‘ सनसनी के लिए झूठे बयान ’’ देने को लेकर पटवारी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लगाएगी।

अध्यक्ष गिरीश गौतम ने पटवारी से जानवरों की अदला-बदली की टिप्पणी के साथ-साथ सरकार द्वारा भाजपा कार्यालय में भोजन के लिए पैसों का भुगतान किए जाने के आरोप पर अपना लिखित बयान देने को कहा।

वहीं पटवारी ने कहा कि भोजन के लिए पैसे का मुद्दा कांग्रेस सदस्य कुणाल चौधरी द्वारा प्रस्तुत एक प्रश्न के विधानसभा में प्राप्त उत्तर में था। अध्यक्ष ने उनसे सदन में बयान पेश करने को कहा।

हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया और सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्ष के नेता व कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने दावा किया कि भाजपा ने किसान संघ की बैठक के लिए 9.5 लाख रुपये खर्च किए थे। मिश्रा ने इसका विरोध किया और कहा कि पटवारी पूर्व में भी सदन को गुमराह कर रहे थे।

अध्यक्ष ने तब कहा कि पटवारी ने चर्चा के दौरान जो कहा और जो उन्होंने सदन में लिखित में प्रस्तुत किया उसमें अंतर है, इसलिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

पटवारी ने अध्यक्ष की ओर से माफी की मांग किए जाने का विरोध किया। इसके बाद सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी विधायकों के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को पांच मिनट के लिए फिर से स्थगित कर दिया गया।

जब सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई तो मिश्रा ने शेष बजट सत्र के लिए पटवारी के निलंबन की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया, जिसके बाद गौतम ने कांग्रेस विधायक पटवारी के निलंबन की घोषणा की।

इसके बाद पटवारी ने कहा कि वह निलंबित किए जाने को लेकर आमरण अनशन करेंगे।

प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमलनाथ और विपक्ष के नेता गोविंद सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक यह तय करके आए थे कि सदन को चलने नहीं देना है ताकि उन्हें कांग्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब नहीं देना पड़े।

विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय का बचाव करते हुए मिश्रा ने पत्रकारों से कहा कि पटवारी लगातार ‘झूठे बयान’ देकर सदन को गुमराह करते रहे हैं।

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