ये दोनों घटनाएं ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ (जीएचएफ) द्वारा संचालित केंद्रों के पास हुईं। इस संगठन ने अमेरिका और इजराइल के समर्थन से मई के अंत में सहायता सामग्री की आपूर्ति करने का अभियान शुरू किया था।
अमेरिका और इजराइल की सरकारें गाजा में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली पारंपरिक सहायता वितरण प्रणाली का स्थान लेने की कोशिश कर रही हैं। उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की सहायता सामग्री हमास के आतंकवादी हड़प लेते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इन आरोपों से इनकार किया है।
जीएचएफ ने कहा कि उसने बड़ी संख्या में फलस्तीनियों को खाद्य सामग्री वितरित की है, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों एवं प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वितरण केंद्रों तक पहुंचने की कोशिश करते समय इजराइली सेना की गोलीबारी में सैकड़ों लोग मारे गए हैं।
सेना का कहना है कि वह चेतावनी देने के लिए केवल तभी गोलियां चलाती है, जब भीड़ उसके बलों के बहुत करीब आ जाती है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शनिवार को तीएना इलाके में जीएफएफ सहायता वितरण केंद्र के पास गोलीबारी में कई फलस्तीनी मारे गए।
महमूद मोकेइमर नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह अन्य लोगों के साथ सहायता वितरण केंद्र जा रहा था, लेकिन जैसे ही भीड़ आगे बढ़ी, सैनिकों ने पहले चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं और फिर लोगों पर ‘‘अंधाधुंध’’ गोलियां चला दीं।
खान यूनिस स्थित नासिर अस्पताल ने बताया कि 25 शव और दर्जनों घायल अस्पताल में लाए गए हैं।
अस्पताल ने बताया कि गाजा के सबसे दक्षिणी शहर रफह में भी एक अन्य जीएचएफ केंद्र के उत्तर में स्थित शाकौश इलाके में एक महिला समेत सात अन्य लोग मारे गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी मृतकों की संख्या की पुष्टि की है।
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