देश की खबरें | मानसून सत्र : राज्यसभा के सभापति ने कोरोना जांच करायी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 11 सितंबर राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने 14 सितंबर से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र से पहले शुक्रवार को अनिवार्य कोविड-19 जांच करायी।

राज्यसभा के सभी सदस्यों के लिए जारी परामर्श में कहा गया है कि मानसून सत्र में भाग लेने से पहले प्रत्येक सदस्य को कोविड-19 (आरटी-पीसीआर) परीक्षण कराना अनिवार्य है।

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सदस्यों से कहा गया है कि वे सत्र शुरू होने से पहले 72 घंटों के अंदर अपनी जांच कराएं। वे संसद भवन परिसर में या सरकार द्वारा अधिकृत किसी अस्पताल या प्रयोगशाला में अपनी जांच करा सकते हैं।

सदस्यों की सुविधा के लिए संसद भवन एनेक्सी में तीन परीक्षण केंद्र बनाए गए हैं। परामर्श के अनुसार, संसद भवन में प्रवेश के समय असुविधा से बचने के लिए उन्हें अपनी परीक्षण रिपोर्ट अग्रिम रूप से एक विशेष ई-मेल पते पर राज्यसभा सचिवालय को भेजने का अनुरोध किया गया है।

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राज्यसभा और लोकसभा सचिवालय के कर्मचारियों और संसद भवन परिसर में तैनात एजेंसियों के कर्मियों के लिए भी आरटी-पीसीआर परीक्षण अनिवार्य है।

परामर्श में कहा गया है कि संसद भवन के स्वागत कक्ष में सांसदों के निजी कर्मचारियों और ड्राइवरों के लिए रैपिड-एंटीजन जांच की व्यवस्था की गयी है।

राज्यसभा के सभापति नायडू नियमित रूप से कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार पर काबू के लिए किए गए विशेष उपायों की समीक्षा करते रहे हैं।

उन्होंने सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्दिष्ट दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।

राज्यसभा के अधिकारियों ने कहा कि सदस्यों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और जोखिम कम करना मुख्य चिंताओं में से एक रहा है।

सभापति ने सदस्यों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह और स्वास्थ्य मंत्रालयों के सचिवों, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख तथा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशकों के साथ बैठकें की हैं।

सत्र के दौरान सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए राज्यसभा कक्ष और इसकी दीर्घाओं तथा लोकसभा कक्ष का उपयोग सदस्यों के बैठने के लिए किया जाएगा।

राज्यसभा में 57 सांसदों के बैठने की व्यव्स्था होगी जबकि 51 सदस्यों को उसकी दीर्घाओं में तथा शेष 136 सदस्यों को लोकसभा कक्ष में बैठाया जाएगा। संसद के दोनों सदनों में चार बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन लगायी गयी हैं।

उच्च सदन में अभी 244 सदस्य हैं और एक सीट खाली है।

प्रत्येक सीट में माइक्रोफोन लगा होगा जिससे सदस्य चर्चा में भाग ले सकते हैं।

पार्टी या समूह नेताओं को सदस्यों के लिए सीटों के आवंटन के बारे में सूचित किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि चार बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन के अलावा, चार दीर्घाओं में छह छोटी डिस्प्ले स्क्रीन लगायी गयी हैं।

नायडू ने सदस्यों और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें ई-नोटिस सुविधा का उपयोग करने को कहा है।

सभापति ने सदस्यों से सहयोग की अपील की है और उनसे विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी कोविड-19 संबंधित सभी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है।

डीआरडीओ सांसदों को कोविड किट प्रदान करेगा। प्रत्येक किट में मास्क एन-95 मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताने आदि होंगे।

अधिकारियों ने कहा कि सभापति की सहायता के लिए के दोनों ओर खड़े मार्शल को मास्क पहनने और फेस शील्ड पहनने की सलाह दी गई है।

इस बीच कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय विभाग संबंधी स्थायी समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र यादव ने शुक्रवार को उप-राष्ट्रपति निवास में सभापति को "वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अदालती कार्यवाही की कार्यप्रणाली" पर एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपी।

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