जरुरी जानकारी | मोदी शनिवार को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति जारी करेंगे

नयी दिल्ली, 16 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में उत्पादों के निर्बाध आवागमन को बढ़ावा देने के लिए 17 सितंबर को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति जारी करेंगे।

इस नीति में प्रक्रियागत इंजीनियरिंग, डिजिटलीकरण और बहु-साधन परिवहन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान दिए जाने की संभावना है।

यह कदम इस लिहाज से अहम है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में घरेलू उत्पादों को प्रतिस्पर्द्धी बनाने में ऊंची लॉजिस्टिक्स लागत प्रतिकूल असर डालती है।

इस संबंध में शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘भारत में अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में लॉजिस्टिक की लागत अधिक है, इसलिए इस नीति की आवश्यकता है। घरेलू और निर्यात.....दोनों बाजारों में भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए भारत में लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना अनिवार्य है।’’

बयान में कहा गया कि लॉजिस्टिक्स की कम लागत अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में दक्षता में सुधार करती है एवं मूल्यवर्धन और उद्यम को प्रोत्साहित करती है।

बयान के अनुसार, यह नीति, लॉजिस्टिक्स के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के लिए एक व्यापक अंतर-क्षेत्रीय और बहु-क्षेत्राधिकार ढांचे को निर्धारित करके उच्च लागत और दक्षता में कमी से जुड़े मुद्दों का हल निकालने का व्यापक प्रयास है।

इस नीति के तहत आगामी वर्षों में लॉजिस्टक की लागत को सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 13 प्रतिशत से घटाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, लॉजिस्टिक क्षेत्र काफी जटिल है जिसमें 20 से अधिक सरकारी एजेंसियां, 40 भागीदार सरकारी एजेंसियां और 37 निर्यात प्रोत्साहन परिषदें भी शामिल हैं।

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