विदेश की खबरें | टाइटैनिक का मलबा देखने गई लापता पनडुब्बी में ऑक्सीजन खत्म होने के करीब
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

‘टाइटन’ पनडुब्बी में पांच लोग सवार हैं। यह रविवार सुबह छह बजे जब अपनी यात्रा पर रवाना हुआ था, तब उसमें केवल 96 घंटे के लिए ही ऑक्सीजन थी।

इसका यह मतलब है कि बृहस्पतिवार को पनडुब्बी को ढूंढने और बचाव अभियान चलाने के कुछ ही घंटे का समय मिलेगा। यह आकलन अमेरिकी तटरक्षक ने उपलब्ध कराया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑक्सीजन उपलब्धता की समय सीमा बढ़ सकती है, बशर्ते कि यात्री उसे संरक्षित करने के उपाय करें।

हालांकि, यह ज्ञात नहीं है कि वे जीवित भी हैं या नहीं, क्योंकि पनडुबबी रविवार सुबह लापता हो गई थी।

अधिकारियों ने समुद्र में पनडुब्बी की तलाश का दायरा बढ़ा दिया है। विमान, पोत, जल के अंदर संचालित किये जाने वाले रिमोट चालित यान और अमेरिकी नौसेना का एक विशेष उपकरण भी तैनात किया गया है, जो यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि पिछले दो दिन से कहां से ध्वनि आ रही है। इस ध्वनि ने पनडुब्बी को ढूंढने की उम्मीद कायम रखी है।

पनडुब्बी पर सवार यात्रियों में ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, पाकिस्तानी नागरिक शहजादा दाऊद और उनका बेटा सुलेमान और टाइटैनिक विशेषज्ञ पॉल-हेनरी नार्गियोलेट शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि टाइटैनिक दुनिया का सबसे बड़ा वाष्प चालित यात्री जहाज था। अप्रैल 1912 में अटलांटिक महासागर में अपनी पहली यात्रा पर रवाना होने के चार दिन बाद यह एक बर्फीली चट्टान से टकराने के कारण डूब गया था। पिछले साल रोड आइलैंड के तट के पास इस जहाज का मलबा पाया गया था।

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