देश की खबरें | नाबालिग सामूहिक बलात्कार मामला : न्यायालय ने दोषी की मौत के सजा के अमल पर रोक लगायी

नयी दिल्ली, 20 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में 2018 में सात साल की बच्ची का बलात्कार करने के मामले में दोषी की मौत की सजा के अमल पर रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति यू. यू. ललित, न्यायमूर्ति एस. आर. भट और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली दोषी की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्थगनादेश जारी किया। उच्च न्यायालय ने इस साल सितंबर में नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार करने के जुर्म में दोषी समेत दो लोगों की मौत की सजा का निचली अदालत का अगस्त, 2018 का फैसला बरकरार रखा था।

पीठ ने कहा, ‘‘अपीलकर्ता को सुनाई की मौत की सजा मामले पर विचार किए जाने तक स्थगित की जाती है। इस संबंध में तत्काल संबंधित जेल को सूचित किया जाए।’’

न्यायालय ने राज्य को निर्देश दिया कि वह दोषी के संबंध में प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट एक मार्च, 2022 तक उसे सौंपे और दोषी ने जेल में क्या काम किया है इस संबंध में जेल अधिकारी की रिपोर्ट न्यायालय को दे।

पीठ ने कहा कि दोषी की मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट भी बननी चाहिए और इंदौर के एक अस्पताल के निर्देश को उसकी मनोवैज्ञानिक समीक्षा के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा कि एक मार्च, 2022 से पहले उसकी रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाए।

पीठ ने 15 दिसंबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘प्रधान न्यायाधीश से निर्देश प्राप्त करने के बाद मामले को अंतिम सुनवाई के लिए उचित पीठ के समक्ष 22 मार्च, 2022 को सूचीबद्ध किया जाए।’’

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