कोलकाता, 26 जून गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) से सवाल किया कि उसे केंद्रीय बलों की अतिरिक्त 485 कंपनियों की किसलिए जरूरत है। एसईसी ने इसके लिए अनुरोध भेजा था। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।
अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने अपने पत्र में राज्य में आगामी पंचायत चुनाव के लिए अब तक भेजी गई केंद्रीय बलों की 337 कंपनियों की तैनाती का विवरण भी मांगा है।
पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयुक्त राजीव सिन्हा ने गृह मंत्रालय को तीन बार पत्र लिखकर राज्य में 8 जून को होने वाले पंचायत चुनाव के लिए और केंद्रीय बलों की मांग की है।
एसईसी ने ग्रामीण चुनाव के लिए गृह मंत्रालय से केंद्रीय बलों की कुल 822 कंपनियां मांगी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘गृह मंत्रालय ने एसईसी को एक पत्र भेजकर केंद्रीय बलों की अतिरिक्त 485 कंपनियों की मांग के पीछे का कारण पूछा है, जिसके लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त राजीव सिन्हा ने पत्र लिखा था। मंत्रालय ने यह भी पूछा है कि अब तक भेजे गए केंद्रीय बलों का उपयोग कैसे किया गया है। इसने एसईसी से उन जिलों का विवरण साझा करने को कहा है जहां अब तक इन बलों को तैनात किया गया है।’’
इस बीच, केंद्रीय बल पहले ही पश्चिम बंगाल के संवेदनशील इलाकों में पहुंच गए हैं और वहां "विश्वास बहाली" के उपाय शुरू कर दिए हैं।
राज्य में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों की लगभग 74,000 सीटों पर प्रतिनिधियों को चुनने के लिए लगभग 5.67 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र हैं।
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