कोच्चि, 14 जुलाई ‘मेट्रोमैन’ ई श्रीधरन ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने केरल में वामपंथी सरकार की बंद पड़ी ‘के-रेल’ परियोजना के विकल्प के रूप में एक हाई-स्पीड रेल प्रणाली का प्रस्ताव रखा है और दक्षिणी राज्य के विकास के लिए राजनीति से परे सभी सहयोग की पेशकश की है।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीधरन ने कहा कि उन्होंने नई दिल्ली में उसके (केरल सरकार के) प्रतिनिधि केवी थॉमस द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सहमति और जानकारी के बाद परियोजना के संबंध में उनके साथ चर्चा के बाद राज्य सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
मेट्रोमैन ने कहा कि उन्हें केरल के उत्तरी कासरगोड और दक्षिणी तिरुवनंतपुरम को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने की प्रस्तावित परियोजना पर अभी तक उनसे कोई सूचना नहीं मिली है।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्रीधरन ने कहा कि थॉमस ने उनसे उनके द्वारा सुझाई गई वैकल्पिक परियोजना के बारे में एक नोट देने का अनुरोध किया था।
मेट्रोमैन ने कहा कि प्रस्ताव पर डेढ़ पेज का नोट उन्हें अगले ही दिन सौंप दिया गया।
उन्होंने कहा, “थॉमस ने कहा कि मुख्यमंत्री को जानकारी है कि वह चर्चा के लिए आ रहे हैं। यह सुनकर मुझे खुशी हुई...मुझे लगा कि राज्य सरकार साथ होगी और चीजें आसान हो जाएंगी। मुझे उसके बाद कुछ भी (आगे क्या हुआ) नहीं पता।”
श्रीधरन ने स्पष्ट किया कि इस सप्ताह की शुरुआत में हुई बैठक के बाद न तो मुख्यमंत्री और न ही थॉमस ने उनसे संपर्क किया था।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार यदि सहायता मांगती है, तो मैं सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हूं। मैं राजनीति से परे, राज्य के लिए लाभकारी किसी भी परियोजना में सहयोग करने के लिए तैयार हूं।”
उन्होंने कहा कि परियोजना तभी लागू की जा सकती है जब राज्य सरकार इससे सहमत हो और उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है।
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