देश की खबरें | जंतर-मंतर पर कुकी, अन्य जनजातियों के सदस्यों का प्रदर्शन, मणिपुर में केंद्र के हस्तक्षेप की मांग

नयी दिल्ली, 29 मई हमार, कुकी, मिजो और जोमी जनजाति की सैकड़ों महिलाओं ने सोमवार को यहां जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और मणिपुर में तनाव को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार से ‘‘उचित हस्तक्षेप’’ की मांग की।

प्रदर्शनकारी पोस्टर और राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रदर्शन स्थल पर एकत्र हुए और न्याय की मांग के नारे लगाए। बारिश के बीच भी उन्होंने प्रदर्शन जारी रखा।

मंच से एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘जब मैं आज सुबह उठी, तो मैंने देखा कि हमारे मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुकी आतंकवादी हैं...हमें अपने ही घर में बेघर कर दिया गया है।’’

भीड़ से ‘‘हम भारतीय हैं’’ के नारों के बीच एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हम भारतीय हैं, हमारे पूर्वज स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम अवैध प्रवासी नहीं हैं।’’

मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद मणिपुर में जातीय झड़पों में 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई।

आरक्षित वन भूमि से कुकी ग्रामीणों को बेदखल करने पर पहले से तनाव गहराया हुआ था। मैतेई मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं।

राज्य में हालात सामान्य करने के लिए अर्धसैनिक बलों के अलावा सेना और असम राइफल्स की लगभग 140 टुकड़ियां तैनात करनी पड़ीं, जिनमें 10,000 से अधिक कर्मी शामिल हैं।

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