देश की खबरें | मास प्रोमोशन का मामला : अदालत ने छात्रों से कहा, विश्वविद्यालय के समक्ष अपनी बात रखें

लखनऊ, 26 जून इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बिना परीक्षा लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के सभी छात्रों के मास प्रोमोशन की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए एक ओर जहां छात्रों से कहा कि वे एक प्रत्यावेदन के जरिए विश्वविद्यालय के समक्ष अपनी बात रखें, वहीं उसने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर विश्वविद्यालय से इसपर विचार करने को कहा है।

अदालत ने कहा कि परीक्षाएं कराने या नहीं कराने, सभी को मास प्रोमोशन देने के मामले में फैसला विश्वविद्यालय प्रशासन लेगा।

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न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ के जतिन कटियार सहित 23 छात्र-छात्राओं की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करने हुए उक्त निर्देश दिए।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर छात्र अपनी याचिका में परीक्षा कराने संबंधी लखनऊ विश्वविद्यालय की 19 और 23 जून की अधिसूचनाओं को खारिज करने, परीक्षाएं रद्द करने और सभी छात्रों को एक साथ अगली कक्षा में प्रोमोट करने की मांग कर रहे थे।

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अदालत ने सभी की बातें सुनने के बाद छात्रों को कहा कि वे इस संबंध में विश्वविद्यालय को एक प्रत्यावेदन दें।

याचिका में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखे बिना ही परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दी है। ऐसे में जबकि ट्रेन और सड़क परिवहन पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है छात्र अपने-अपने परीक्षा केन्द्रों तक कैसे पहुंचेंगे और यदि वे पहुंच भी गए तो सभी को संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा होगा।

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