देश की खबरें | अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर गिरकर मरे व्यक्ति ने अपनी प्रवासन योजना को अपने परिवार से गुप्त रखा:पुलिस

अहमदाबाद, 23 दिसंबर गुजरात पुलिस ने अमेरिका-मेक्सिको सीमा दीवार को लांघने की असफल कोशिश के दौरान गांधीनगर के एक व्यक्ति की कथित मौत के मामले की प्रारंभिक जांच के बाद कहा है कि उसने छत्राल गांव में रह रहे अपने परिजनों को अपनी प्रवासन योजना के बारे में नहीं बताया था।

अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित कुछ खबरों में बताया गया है कि मृतक की पहचान गांधीनगर जिले के कलोल तालुका के बृजकुमार यादव के रूप में हुई है। खबरों के अनुसार, बुधवार को अमेरिका में अवैध रूप से घुसने के दौरान जब वह अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर बनी दीवार ‘ट्रंप वॉल’ पर चढ़ रहा था, तब वह गिर गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना में उसकी पत्नी एवं तीन साल के बेटे को गंभीर चोटें आईं।

गांधीनगर पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाला व्यक्ति कलोल कस्बे के पास एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में काम करता था। पुलिस के अनुसार उसने 18 नवंबर को अपनी पत्नी पूजा और तीन साल के बेटे तन्मय के साथ जाने से पहले अमेरिका जाने की इस योजना के बारे में परिवार के अन्य सदस्यों को कोई जानकारी नहीं दी थी।

खबरों के मुताबिक, इस परिवार के तीनों सदस्य बहुत अधिक ऊंचाई से गिरे। यादव की पत्नी अमेरिकी क्षेत्र में गिरी जबकि उसका बेटा मेक्सिको के हिस्से में गिरा।

मीडिया के माध्यम से इस घटना की जानकारी मिलने के बाद राज्य अपराध अन्वेषण विभाग ने तथ्यों का पता लगाने के लिए जांच करने तथा उन एजेंट के विरुद्ध जरूरी कार्रवाई का आदेश दिया है जो लोगों के अवैध प्रवासन के धंधे में शामिल हैं।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीआईडी-अपराध एवं रेलवे, आर बी ब्रह्मभट ने कहा, ‘‘ मीडिया के माध्यम से इस घटना का पता चलने के बाद मैंने अपनी मानव तस्करी रोधी इकाई के पुलिस उपाधीक्षक को पूरे मामले की जांच करने को कहा है।’’

इससे पहले, गांधीनगर के पुलिस अधीक्षक तरुण कुमार दुग्गल ने कहा था कि बृज कुमार यादव के परिवार का पता लगाने के लिए पृथक जांच शुरू की गई है।

दुग्गल ने कहा, ‘‘खबरों में बताया गया है कि मृतक (यादव) मूल रूप से उत्तर प्रदेश या दिल्ली का निवासी था और वह अपने परिवार के साथ कलोल में बस गया था। हमने उसके परिवार का पता लगाने के लिए एक टीम बनाई है। फिलहाल उसके परिवार ने किसी मदद के लिए पुलिस से संपर्क नहीं किया है।’

बाद में दिन में, पुलिस ने कलोल कस्बे के पास छत्राल गांव में बृजकुमार यादव के परिवार का पता लगाया और उनके घर का दौरा किया जहां बृजकुमार की मां और बड़े भाई विनोद यादव का परिवार रहता है।

बृजकुमार यादव एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के तौर पर काम करता था। कलोल संभाग के पुलिस उपाधीक्षक पी डी मनवर ने कहा कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का रहने वाला था।

मनवर ने कहा, "बृजकुमार अपनी पत्नी और बेटे के साथ 18 नवंबर को छत्राल से रवाना हुआ। उन्होंने इस बारे में कोई विवरण साझा नहीं किया कि वे कहाँ जा रहे हैं। उन्होंने अपने परिवार से केवल यह कहा कि वे छुट्टी पर जा रहे हैं। उनके भाई और परिवार के अन्य सदस्य उस एजेंट के बारे में अनभिज्ञता का दावा कर रहे हैं जिसने उनके टिकट और पासपोर्ट की व्यवस्था की थी।"

विनोद यादव के मुताबिक, उनके भाई ने उन्हें कभी नहीं बताया कि वह दूसरे देश में जाने की योजना बना रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "उसने हमें केवल इतना बताया कि वह और उसका परिवार एक महीने बाद वापस आ जाएगा। उन्होंने कहा कि वे कहीं छुट्टी पर जा रहे हैं। फिर, 17 दिसंबर को उसकी पत्नी पूजा ने हमें फोन किया और कहा कि बृजकुमार की मृत्यु हो गई है। उसने तुरंत फोन काट दिया।" हम चाहते हैं कि सरकार मेरे भाई का शव वापस लाए। हम पूजा और तन्मय को भी वापस चाहते हैं।’’

विनोद यादव ने कहा कि पुलिस ने उनसे उन एजेंट के विवरण के बारे में पूछा, जिन्होंने बृजकुमार की मेक्सिको पहुंचने में मदद की, लेकिन वह उनकी ज्यादा मदद नहीं कर सके क्योंकि बृजकुमार ने कभी भी इस तरह के विवरण या मेक्सिको के रास्ते अमेरिका जाने की अपनी योजना के बारे में नहीं बताया।

इस साल जनवरी में कलोल के डिंगुचा गांव के एक परिवार के चार सदस्यों की अमेरिका में अवैध रूप से घुसने की कोशिश के दौरान अमेरिका-कनाडा सीमा पर भयंकर ठंड के कारण मृत्यु हो गई थी।

मार्च में, अमेरिकी सीमा अधिकारियों ने कनाडा से अमेरिका में प्रवेश करने के असफल प्रयास के दौरान गुजरात के छह युवकों को गिरफ्तार किया था जिनकी नाव कनाडा सीमा के पास सेंट रेजिस नदी में डूब गई थी।

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