मुंबई, पांच जून महाराष्ट्र सरकार ने बम्बई उच्च न्यायालय को शुक्रवार को बताया कि राज्य में लोगों को लॉकडाउन के दौरान अपने पालतू जानवरों को बाहर ले जाने की अनुमति दी गई है।
महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोनी ने बताया कि इस आशय का एक परिपत्र एक जून को जारी किया गया था और पुलिस तथा नगर निकाय अधिकारियों से कहा गया था कि वे लोगों को अपने पालतू जानवरों को बाहर ले जाने से नहीं रोके।
यह भी पढ़े | TikTok स्टार और बीजेपी नेता सोनाली फोगाट ने सरकारी कर्मचारी को थप्पड़ और चप्पल से पीटा, देखें वायरल वीडियो.
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ पुणे की एक निवासी द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने अपने कुत्तों को बाहर ले जाने की अनुमति देने का आग्रह किया था।
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया था कि पालतू जानवरों के मालिकों को जानवरों को घुमाने के लिए बाहर ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए और इसे प्रतिबंधित करने से पशु क्रूरता होगी। इसके बाद राज्य सरकार ने निर्देश जारी किया।
यह भी पढ़े | CM ममता बनर्जी का विरोधियों पर हमला, बोली- पश्चिम बंगाल कोरोना और साजिश दोनों से जीतेगी.
बोर्ड ने एक जून को भी परिपत्र जारी किया जिसे केन्द्र सरकार ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय के समक्ष रखा है।
पीआईएल में दावा किया गया है कि पुणे में कई पुलिस थानों ने निवासियों को अपने कुत्तों को घुमाने से रोकने के लिए आवास समितियों को ‘‘मनमानी दिशा-निर्देश’’ जारी किए थे।
अदालत ने केन्द्र सरकार को भी लॉकडाउन के दौरान कुत्तों को बाहर ले जाने के लिए लोगों को अनुमति देने पर अपना रूख स्पष्ट करने को कहा था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY