देश की खबरें | महाराष्ट्र : ठाणे में रसायन कारखाने में विस्फोट के बाद लगी आग, आठ लोगों की मौत

(फोटो के साथ)

ठाणे, 23 मई महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रसायन कारखाने में बृहस्पतिवार अपराह्न विस्फोट होने के बाद आग लग गयी, जिसके कारण कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, डोंबिवली में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) क्षेत्र के फेज-दो में स्थित ‘अमुदान केमिकल कंपनी’ के एक बॉयलर में अपराह्न करीब 1.40 बजे विस्फोट होने से भीषण आग लग गई और आसपास के कारखानों में भी फैल गई।

महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में जान गंवाने वाले लोग आसपास के कारखानों में काम कर रहे थे।

राज्य उद्योग और श्रम विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि कारखाने का बॉयलर भारत बॉयलर विनियम, 1950 के तहत पंजीकृत नहीं था।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना को भयावह बताते हुए कहा कि रसायन कारखाने के आसपास के कारखानों में कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिकता लोगों को बचाने की है। इस हादसे में आठ लोगों की जान चली गई और साठ से अधिक घायल हुए हैं।’’

सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और उद्योगों को खतरों के आधार पर ए, बी और सी के रूप में वर्गीकृत करने का निर्णय लिया है।

शिंदे ने कहा, ‘‘पूरे राज्य में लाल श्रेणी के अंतर्गत आने वाली सभी खतरनाक औद्योगिक इकाइयां तुरंत बंद कर दी जाएंगी। ऐसी इकाइयों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने या इंजीनियरिंग और आईटी जैसे उपयोग (श्रेणी) को बदलने का विकल्प दिया जाएगा...लोगों के जीवन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विस्फोट में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे और घायलों का खर्च सरकार वहन करेगी।

राज्य उद्योग विभाग ने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच के बाद ही विस्फोट के कारणों का खुलासा होगा।

ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख यासीन तड़वी ने कहा कि इस घटना में पांच पुरुषों और दो महिलाओं के शव इतने अधिक झुलस गए कि उनकी पहचान नहीं हो सकी है।

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘उन परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘घायलों का इलाज एम्स, नेप्च्यून और ग्लोबल अस्पतालों में किया जा रहा है और हर तरह की सहायता प्रदान की जा रही है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। बचाव कार्य के लिए विभिन्न टीम और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर हैं।’’

अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन दल, पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी बचाव अभियान में हिस्सा ले रही है।

सामंत ने 'पीटीआई-' को बताया कि जिस कारखाने में विस्फोट हुआ वह पिछले कुछ महीनों से परिचालन में नहीं था और कुछ दिन पहले ही दोबारा शुरू हुआ था।

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