देश की खबरें | महाराष्ट्र : अदालत ने तीन मानव तस्करों को किया बरी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

ठाणे, छह अक्टूबर महाराष्ट्र की एक अदालत ने मानव तस्करी और नाबालिग लड़की को देह व्यापार में धकेलने के मामले में दो बहनों सहित तीन लोगों को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया।

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) कविता डी. श्रीभाटे ने हाल में दिए एक निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, पॉक्सो (बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण कानून) और भादंवि के तहत तीनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में विफल रहा।

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अतिरिक्त सरकारी वकील संजय मोर ने अदालत से कहा था कि 21 मार्च 2017 को पुलिस ने ठाणे जिले के हाटकेश में एक आवासीय कॉलोनी में छापा मारा था और 14 वर्षीय किशोरी को बचाया था, जिसे आरोपियों ने देह व्यापार में धकेल दिया था और उससे मिलने वाले पैसों पर वे अपना खर्च चला रहे थे।

बचाव पक्ष के वकीलों ने मामले में कई कमियों को उजागर किया।

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आदेश में न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस ने अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम के तहत छापेमारी नहीं की।

अभियोजक पक्ष यह भी साबित करने में नाकाम रहा कि आरोपियों ने पीड़िता को जबरन देह व्यपार में धकेला था।

इसके बाद न्यायाधीश ने आरोपियों के खिलाफ सबूतों का आभाव होने के आधार पर तीनों का बरी कर दिया।

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