King Charles III: महाराजा चार्ल्स तृतीय सभी धर्मों का करते हैं सम्मान, भारत के लिए है गहरा लगाव
महाराजा चार्ल्स तृतीय की लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में शनिवार को ब्रिटेन के 40वें महाराजा के रूप में ताजपोशी की जाएगी.
लंदन, छह मई: महाराजा चार्ल्स तृतीय की लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में शनिवार को ब्रिटेन के 40वें महाराजा के रूप में ताजपोशी की जाएगी. लंदन में चार्ल्स के भव्य राज्याभिषेक समारोह में उनके दृष्टिकोण की व्यापक झलक देखने को मिल रही है, जिसमें अधिक टिकाऊ जीवनशैली अपनाने की अहमियत, सभी धर्मों का सम्मान और भारत के लिए गहरा प्रेम शामिल है. यह भी पढ़ें: King Charles III Coronation: महाराजा चार्ल्स तृतीय के राज्याभिषेक के साथ उनकी पत्नी कैमिला आधिकारिक रूप से महारानी बन जाएंगी
74 वर्षीय चार्ल्स पिछले साल सितंबर में अपनी मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद ही ब्रिटेन के नए महाराजा बन गए थे. हालांकि, शनिवार को कैंटरबरी के आर्कबिशप द्वारा एक धार्मिक अनुष्ठान के समापन के बाद हजारों लोगों की मौजूदगी में चार्ल्स की आधिकारिक तौर पर ताजपोशी की जाएगी.
धार्मिक अनुष्ठान के अंत में हिंदू, सिख, मुस्लिम, बौद्ध और यहूदी समुदाय के प्रतिनिधि एक सुर में उनका अभिवादन करेंगे. राज्याभिषेक समारोह में सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे भारतीय मूल के सांसद लॉर्ड इंदरजीत सिंह ने कहा, “जब चार्ल्स वेल्स के राजकुमार थे, तब मेरी उनसे कई बार मुलाकात हुई थी और हमने कई विषयों पर खुलकर बात की थी. इस दौरान, उन्होंने बार-बार दोहराया कि अलग-अलग धर्म एक ही सीख देते हैं और उनका मकसद समाज को अच्छाई की तरफ ले जाना है.”
चार्ल्स का सभी धर्मों का सम्मान करने वाला दृष्टिकोण भारत और उसकी सदियों पुरानी योग एवं आयुर्वेद जैसी पद्धतियों के प्रति उनके गहरे लगाव से भी परिलक्षित होता है. पिछले कुछ दशकों में ब्रिटिश सिंहासन के उत्तराधिकारी के तौर पर चार्ल्स ने भारत की कई यात्राएं कीं. इस दौरान, उन्होंने ‘ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट’ के माध्यम से भारत में कई धर्मार्थ कार्य किए.
चार्ल्स ने दक्षिण एशिया में गरीबी और अन्य समस्याओं से निपटने के लिए 2007 में ‘ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट’ की स्थापना की थी. चार्ल्स ने 2021 में भारत में कोविड-19 के प्रकोप से निपटने के लिए एक आपातकालीन कोष की शुरुआत करते समय देश के प्रति ‘अपने गहरे लगाव’ का जिक्र किया था. उन्होंने महामारी के प्रकोप के दौरान भारत के लिए करोड़ों डॉलर का चंदा जुटाने में मदद की थी.
चार्ल्स ने तब कहा था, “कई अन्य लोगों की तरह, मेरे मन में भी भारत के लिए बहुत प्यार है और मैंने देश की कई शानदार यात्राओं का भरपूर आनंद लिया है. इस अत्यंत मुश्किल समय में भारत को अन्य देशों की मदद की जरूरत है. जिस तरह भारत ने दूसरों की मदद की है, उसी तरह अब हमें भारत की मदद करनी चाहिए.”
कोविड-19 महामारी के दौरान चार्ल्स को योग के चिकित्सकीय और नैदानिक प्रभावों का एहसास हुआ था। मई 2021 में आयोजित वर्चुअल स्वास्थ्य सम्मेलन ‘वेलनेस आफ्टर कोविड’ में उन्होंने योग को एक ऐसा ‘सुलभ अभ्यास’ करार दिया था, जो तनाव से निपटने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में खासा मददगार साबित हो सकता है.
चार्ल्स ने अप्रैल 2018 में लंदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी की थी, जो साइंस म्यूजियम में नए ‘आयुर्वेदिक सेंटर फॉर एक्सिलेंस’ का उद्घाटन करने के लिए ब्रिटिश राजधानी पहुंचे थे। इस केंद्र की स्थापना का मकसद योग और आयुर्वेद पर साक्ष्य-आधारित शोध के लिए अपनी तरह का पहला वैश्विक नेटवर्क कायम करना है.
बताया जाता है कि चार्ल्स की पत्नी कैमिला नियमित रूप से योग का अभ्यास करती हैं.
चार्ल्स आखिरी बार नवंबर 2019 में भारत आए थे. इस दौरान, उन्होंने मुंबई में स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ अपना 71वां जन्मदिन मनाया था. इस हफ्ते की शुरुआत में आयोजित राज्याभिषेक-पूर्व भोज में चार्ल्स ने भारतीय मूल के सांसद लॉर्ड करण बिलिमोरिया से कहा था कि वह जल्द भारत का आधिकारिक दौरा करने को लेकर उत्सुक हैं.
प्रिंस ऑफ वेल्स के रूप में चार्ल्स पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों के मुखर समर्थक भी थे. उन्होंने जलवायु परिवर्तन से होने वाले विनाश के खिलाफ लगातार आवाज उठाई. चार्ल्स ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई लक्ष्यों की प्राप्ति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी लगातार बात की. चौदह नवंबर 1948 को चार्ल्स फिलिप आर्थर जॉर्ज के रूप में जन्मे महाराजा चार्ल्स तृतीय पिछले साल आठ सितंबर को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर ब्रिटिश राजगद्दी पर काबिज होने वाले सबसे उम्रदराज शाही सदस्य बन गए थे.
उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से इतिहास की पढ़ाई की और 1970 में विश्वविद्यालय की डिग्री हासिल करने वाले ब्रिटेन के पहले शाही सदस्य बने थे. रॉयल नेवी में शामिल होने से पहले उन्होंने रॉयल एयर फोर्स के पायलट के रूप में प्रशिक्षण लिया था और 1976 में अपने सैन्य करियर को समाप्त करने से पहले हेलीकॉप्टर उड़ाना भी सीखा था.
निजी जीवन की बात करें, तो राजकुमारी डायना से चार्ल्स की पहली शादी बेहद तनावपूर्ण बताई जाती है। डायना से चार्ल्स के दो बेटे-प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी हैं. एक सड़क हादसे में डायना की मौत के बाद चार्ल्स ने 2005 में कैमिला पार्कर से शादी रचाई थी.
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(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2023 04:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

