विदेश की खबरें | मैक्रों ने यूरोप से अपनी वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने और अमेरिका पर निर्भर न रहने का आग्रह किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

मैक्रों ने 20 यूरोपीय देशों के रक्षा मंत्रियों और अन्य प्रतिनिधियों के पेरिस में आयोजित एक सम्मेलन के समापन भाषण में यूरोप के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अपनी खुद की रक्षा प्रणाली विकसित करने की वकालत की।

फ्रांसीसी आयोजकों ने कहा कि बैठक में ड्रोन रोधी युद्ध और बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली पर चर्चा की गई। इसके अलावा यूक्रेन पर रूस के बड़े स्तर के हमले के बाद इस तरह के उपकरणों के महत्व और प्रभावशीलता पर भी संज्ञान लिया गया।

उन्होंने बताया कि बैठक के एजेंडे में परमाणु हथियारों के निवारण का विषय भी शामिल था।

मैक्रों ने कहा, "हमें यह जानने की जरूरत है कि हवाई क्षेत्र के खतरे की स्थिति क्या है। और फिर, हम यूरोपीय क्या क्या उत्पादन करने में सक्षम हैं? और फिर हमें क्या खरीदने की जरूरत है?"

उन्होंने कहा, ‘‘हमें अब भी अक्सर अमेरिकी सामान खरीदने की जरूरत क्यों पड़ती है? क्योंकि अमेरिकियों ने हमारे मुकाबले इन चीजों को बहुत ज्यादा मानकीकृत किया है। उनके पास संघीय एजेंसियां ​​​​हैं जो अपने विनिर्माताओं को भारी राज-सहायता प्रदान करती हैं।’’

यह एक दिवसीय बैठक, पेरिस एयर शो के मौके पर हुई थी।

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