नजीरा (असम), तीन जून देश की शीर्ष तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी ने मंगलवार को कहा कि असम में कम उत्पादन और कर्मचारियों की अधिक संख्या के कारण उसे घाटा हो रहा है। कंपनी ने विवादास्पद ‘ओवरटाइम’ भुगतान रोके जाने के विरोध में कर्मचारियों के प्रदर्शन के आरोपों का खंडन किया।
ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने बयान में कहा कि वह स्थानीय स्तर पर लोगों को नियुक्त कर रही है और असम में स्थानीय समुदाय में भारी निवेश कर रही है।
नजीरा में असम एसेट पर ओएनजीसी पूर्वांचल कर्मचारी संघ (ओपीईए) के सदस्यों के धरने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कंपनी ने कहा कि हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण है, लेकिन यह मुख्य रूप से एक विशेष ओवरटाइम भुगतान को रोके जाने के विरोध में शुरू हुआ, ‘जो स्वीकार्य नहीं था।’
ओएनजीसी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों से असम में अपने परिचालन को जारी रखते हुए कंपनी को घाटा हो रहा है। इसका एक कारण कम उत्पादन और अधिक कार्यबल है।’’
कंपनी ने कहा कि चिकित्सा सुविधाएं रोके जाने के संबंध में श्रमिक संगठन का दावा ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ है।
ओएनजीसी ने कहा, ‘‘प्रत्यक्ष रूप से राशि की जगह ‘रिम्बर्समेंट’ की व्यवस्था अपने सेवारत और पूर्व कर्मचारियों को प्रदान की जाने वाली एक प्रमुख कल्याणकारी सुविधा से संबंधित दुरुपयोग और गड़बड़ी को रोकने के लिए की गई है।’’
कंपनी ने कहा कि असम एसेट में बढ़ती उत्पादन लागत से जुड़े वित्तीय दबावों के बावजूद वह क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाए रखे हुए है।
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