नयी दिल्ली, चार अगस्त शिक्षण संस्थानों में योग को अनिवार्य बनाने, नैतिक शिक्षा की कक्षाएं होने और सूचना के अधिकार कानून में संशोधन के प्रावधान वाले गैर सरकारी विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पेश किए गए।
सदन की कार्यवाही दोपहर में एक बार के स्थगन के बाद जब 12.50 बजे आरंभ हुई तो पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने गैर सरकारी कामकाज शुरू कराया । उन्होंने संबंधित सदस्यों से गैर सरकारी विधेयक पेश करने के लिए कहा।
सदन में शुक्रवार प्राय: भोजनावकाश के बाद गैर सरकारी कामकाज होता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य सुकांत मजूमदार ने सदन में ‘विद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य योग अभ्यास विधेयक, 2023’ पेश किया। इस गैर सरकारी विधेयक में सभी स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों में योगाभ्यास को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के एन के प्रेमचंद्रन ने पत्रकारों की सुरक्षा के प्रावधान वाला ‘पत्रकार (हिंसा तथा संपत्ति को क्षति अथवा हानि की रोकथाम) विधेयक, 2022’ पेश किया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने जनगणना संबंधी कानून में संशोधन से संबंधित निजी विधेयक पेश किया।
भाजपा सदस्य जगदंबिका पाल ने ‘सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2023’ पेश किया। इस विधेयक में सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 2 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।
कांग्रेस सांसद हिबी ईडेन ने माहवारी के समय महिला कर्मियों के लिए सवैतिनक अवकाश के प्रावधान वाला निजी विधेयक पेश किया।
भाजपा सदस्य रवि किशन ने शिक्षण संस्थानों में नैतिक शिक्षा दिए जाने के प्रावधान वाला गैर सरकारी विधेयक पेश किया।
भाजपा सांसद मनोज कोटक ने सोशल मीडिया में फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने के लिए एक विनियामक प्राधिकरण गठित करने के प्रावधान वाला गैर सरकारी विधेयक पेश किया।
इनके अलावा मनोज राजौरिया, संजय भाटिया, जसवीर सिंह गिल, रवि किशन, सुनीता दुग्गल, गणेश सेल्वम, कुलदीप शर्मा, एम के राघवन और हनुमान बेनीवाल समेत विभिन्न दलों के कुछ सदस्यों ने भी अपने-अपने गैर सरकारी विधेयक प्रस्तुत किये।
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