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जरुरी जानकारी | टिड्डी नियंत्रण: अप्रैल से 10 राज्यों के कुल 3.70 लाख हेक्टेयर में चलाया गया अभियान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने सोमवार को कहा कि 11 अप्रैल से 10 राज्यों में 3.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाए गए हैं। राजस्थान के कुछ जिलों में मामूली फसल नुकसान हुआ है।

जरुरी जानकारी | टिड्डी नियंत्रण: अप्रैल से 10 राज्यों के कुल 3.70 लाख हेक्टेयर में चलाया गया अभियान

नई दिल्ली, 20 जुलाई केंद्र ने सोमवार को कहा कि 11 अप्रैल से 10 राज्यों में 3.70 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाए गए हैं। राजस्थान के कुछ जिलों में मामूली फसल नुकसान हुआ है।

एक बयान में, केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कहा कि नयी टिड्डियों के झुंड राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, अजमेर, सीकर और पाली तथा उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में सक्रिय हैं।

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इसमें कहा गया है कि टिड्डी सर्किल कार्यालयों (एलसीओ) और राज्य के कृषि विभागों द्वारा टिड्डी नियंत्रण अभियान, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार में , में 11 अप्रैल से लेकर 20 जुलाई तक चलाए गए।

राजस्थान के आठ जिलों में 31 स्थानों पर और उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक स्थान पर 19 जुलाई की रात को, टिड्डी नियंत्रण अभियान चलाया गया।

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मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा समय में, स्प्रे वाहनों के साथ 79 नियंत्रण टीमों को राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में तैनात किया गया है। करीब 200 से अधिक केंद्र सरकार के कर्मचारी टिड्डी नियंत्रण अभियान में लगे हुए हैं।

इसके अलावा, ऊंचे पेड़ों वाले और दुर्गम इलाकों में कीटनाशकों के छिड़काव के जरिये टिड्डियों पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए 15 ड्रोन के साथ पांच कंपनियों को राजस्थान में बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, नागौर और फलोदी में तैनात किया गया है।

राजस्थान के निर्धारित रेगिस्तानी इलाकों में आवश्यकतानुसार हवाई (ऊपर से) छिड़काव क्षमता को मजबूत करने के लिए वहां एक बेल हेलीकॉप्टर लगाया गया है तथा भारतीय वायु सेना ने भी एमआई -17 हेलिकॉप्टर का उपयोग करके टिड्डी विरोधी ऑपरेशन में परीक्षण अभियान किया है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बिहार और हरियाणा राज्यों में फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, राजस्थान के कुछ जिलों में कुछ मामूली फसल नुकसान हुए हैं।’’

मंत्रालय ने कहा कि खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के 13 जुलाई के सूचना के अनुसार, आने वाले हफ्तों में उत्तरी सोमालिया में और अधिक टिड्डियों के तैयार होने की संभावना है तथा गर्मियों में भारत-पाकिस्तान सीमा के समुद्री तट के दोनों किनारों पर प्रजनन के लिए पूर्वोत्तर सोमालिया से भारतीय समुद्री क्षेत्र में टिड्डियों का प्रवास होने का खतरा हो सकता है।

दक्षिण-पश्चिम एशियाई देशों (अफगानिस्तान, भारत, ईरान और पाकिस्तान) के रेगिस्तान टिड्डी पर साप्ताहिक आभासी बैठकें एफएओ द्वारा आयोजित की जा रही हैं।

इसमें कहा गया है कि दक्षिण पश्चिम एशियाई देशों के तकनीकी अधिकारियों की अब तक लगभग 15 आभासी बैठकें हुई हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2020 11:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).