कोलकाता, सात जून अमालगैमटेड प्लांटेशन प्राइवेट लिमिटेड (एपीपीएल) को लॉकडाउन के चलते 20 लाख से 25 लाख किलोग्राम फसल का नुकसान हुआ है। एपीपीएल देश की दूसरी सबसे बड़ी चाय उत्पादक है।
एपीपीएल का गठन टाटा टी के उत्तर भारत के चाय बागानों से विलगाव के बाद हुआ था। एपीपीएल के असम में 21 और पश्चिम बंगाल में चार चाय बागान हैं।
कंपनी के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विक्रम सिंह गुलिया ने कहा, ‘‘ लॉकडाउन के दौश्रान 20 से 25 लाख किलोग्राम फसल का नुकसान होने की वजह से हमें इस साल मुनाफे गिरने की आशंका है।’’
कंपनी ने पिछले साल 4.4 करोड़ किलोग्राम चाय का उत्पादनल किया था।
गुलिया ने कहा कि इस साल चाय उद्योग को 15 करोड़ किलोग्राम चाय की फसल का नुकसान हो सकता है। वहीं चाय की कीमतें भी उस तरह से बढ़ने की उम्मीद नहीं है कि इस घाटे से पार पाया जा सके।’’
उन्होंने कहा कि चाय की कीमतें बढ़नी जरूर शुरू हुई हैं लेकिन चाय उत्पादन की तय लागत के चलते उद्योग पर भारी दबाव है।
कंपनी ने अपने असम और पश्चिम बंगाल के चाय बागानों में 100 प्रतिशत कार्यबल के साथ काम शुरू कर दिया है। कंपनी को श्रमिकों और श्रमिक संगठनों से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।
चाय कंपनियां अपने उद्योग का विविधीकरण कर रही हैं। वे डेयरी, मत्स्य और मसालों के उत्पादन पर भी ध्यान लगा रही हैं।
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