नयी दिल्ली, 23 अगस्त कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से एक दिन पहले रविवार को पार्टी में उस वक्त नया सियासी बवंडर खड़ा हो गया जब पूर्णकालिक और जमीनी स्तर पर सक्रिय अध्यक्ष बनाने एवं संगठन में ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग को लेकर सोनिया गांधी को 23 वरिष्ठ नेताओं की ओर से पत्र लिखे जाने की जानकारी सामने आई।
नेतृत्व के मुद्दे पर पार्टी दो खेमे में बंटी नजर आ रही है, हालांकि इस पत्र की खबर सामने आने के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ एवं युवा नेताओं ने सोनिया और राहुल गांधी के नेतृत्व में भरोसा जताया और इस बात पर जोर दिया कि गांधी-नेहरू परिवार ही पार्टी को एकजुट रख सकता है।
कांग्रेस की कई प्रदेश इकाइयों के अध्यक्षों और सांसदों ने भी सोनिया गांधी को पत्र लिखकर उनके और राहुल गांधी के नेतृत्व में विश्वास जताया है।
कांग्रेस के भीतर यह पूरा बवंडर सीडब्ल्यूसी की बैठक से एक दिन पहले शुरू हुआ। यह बैठक सोमवार सुबह वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से होनी है।
कुछ खबरों में कहा गया कि इस बैठक में सोनिया गांधी पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर सकती हैं। हालांकि कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया ने किसी के साथ बातचीत में ऐसा कोई इरादा नहीं जताया है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद समेत 23 नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में सामूहिक नेतृत्व की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलना चाहिए जो जमीन पर सक्रिय हो तथा कांग्रेस मुख्यालय एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटियों के मुख्यालय में भी उपलब्ध हो।
अमरिंदर सिंह, गहलोत, बघेल लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद और अश्विनी कुमार ने सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी का पुरजोर समर्थन किया। दूसरी तरफ, गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मुकुल वासनिक, मनीष तिवारी, शशि थरूर और हरियाणा के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा विरोधी खेमे में नजर आ रहे हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस में गांधी परिवार के नेतृत्व को चुनौती देने वाले पार्टी के कुछ नेताओं के कदमों का विरोध करते हुए कहा है कि इस तरह का मुद्दा उठाने का यह समय नहीं है।
सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘कांग्रेस को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो केवल कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि समूची पार्टी, समस्त कार्यकर्ताओं और देश के लिए स्वीकार्य हो । गांधी परिवार इस भूमिका के लिए बिल्कुल उपयुक्त है ।’’
गहलोत ने 'पीटीआई—' से कहा, ‘‘मुझे इस तरह के किसी पत्र के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन यदि यह सच है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इन सभी लोगों ने पार्टी के साथ लंबे समय तक काम किया है।’’
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