देश की खबरें | वाम, लोजद सांसदों के तथ्यान्वेषण दल का हाथरस दौरा रद्द : माकपा सूत्र
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर माकपा के सूत्रों ने कहा कि हाथरस में एक दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले में तथ्यों का पता लगाने के लिए वाम एवं लोजद सांसदों के दल का रविवार का दौरा उस समय रद्द कर दिया गया, जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने सूचित किया कि युवती के परिवार को अदालत में पेश करने के लिए लखनऊ ले जाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में चार व्यक्तियों ने 19 वर्षीय युवती के साथ कथित रूप से बलात्कार किया था, जिसके बाद उसकी दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। युवती के परिवार के सदस्य सोमवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के समक्ष पेश होंगे।

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सूत्रों ने बताया कि जब वाम और लोजद सांसदों का दल नयी दिल्ली से रवाना होने वाला था, तभी उत्तर प्रदेश पुलिस ने सूचित किया कि उनका दौरा रद्द कर दिया गया है क्योंकि महिला के परिवार को सोमवार को अदालत में पेश करने के लिए लखनऊ ले जाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि माकपा के एलामरम करीम और बिकास रंजन भट्टाचार्य, भाकपा के बिनोय विश्वम और लोजद के एम वी श्रेयम्स कुमार को हाथरस में पीड़ित परिवार के घर जाकर परिजनों, पड़ोसियों और अन्य लोगों से मुलाकात करनी थी।

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सूत्रों ने बताया कि सांसदों का दल जिला दंडाधिकारी और जिला पुलिस प्रमुख से भी मुलाकात कर युवती के माता-पिता और संबंधियों की सुरक्षा के बारे में जानना चाहता था क्योंकि उनपर ‘‘लगातार हमलों’’ की घटनाएं हो रही हैं।

तथ्यान्वेषण दल ने इस दौरे के बाद राष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश और प्रधानमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपने का फैसला किया था।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने एक अक्टूबर को समन जारी कर राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों को अदालत में उपस्थित होने को कहा था।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, राज्य पुलिस प्रमुख और अपर पुलिस महानिदेशक को समन जारी कर सभी से 12 अक्टूबर को अदालत में पेश होने और मामले में स्पष्टीकरण देने को कहा था।

युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पीठ ने हाथरस के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी अदालत के समक्ष उपस्थित होने को कहा था।

पीठ ने अधिकारियों को घटना के बारे में अपने-अपने पक्ष से न्यायालय को अवगत कराने के लिए सभी संबंधित सामग्री और दस्तावेजों के साथ तैयार होकर आने को कहा।

पीठ ने युवती के माता-पिता से भी कहा था कि वे अदालत आकर अपना पक्ष रखें। अदालत ने हाथरस जिला प्रशासन को उनकी यात्रा का प्रबंध करने का आदेश दिया था।

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