हंगरी के चुनाव नतीजों से यूरोपीय संघ को मिली राहत, बुल्गारिया चुनावों के बाद जरा फीकी पड़ी है. वहां, मॉस्को प्रेमी नेता रुमेन रादेव के गठबंधन ने संसदीय चुनाव जीत लिए हैं.यूरोपीय संघ के सदस्य देश बुल्गारिया में ईयू के साथ खड़ी रहने वाली पार्टियों की करारी हार हुई है. देश में लंबे समय तक शासन करने वाले और ईयू समर्थक GERB-SDS गठबंधन को संसदीय चुनावों में मात्र 13.4 फीसदी वोट मिले हैं. यह इस गठबंधन का अब तक का सबसे बुरा प्रदर्शन है. वहीं उदारवादी धड़े PP-DB को भी सिर्फ 12.7 फीसदी वोट मिले. 67 लाख की आबादी वाले बुल्गारिया में करीब 65 लाख मतदाता हैं.
वहीं मॉस्को प्रेमी और बुल्गारिया के पूर्व राष्ट्रपति रुमेन रादेव के वामपंथी गठबंधन, प्रोगेसिव बुल्गारिया (PB) को 44.6 प्रतिशत वोट मिले. रविवार, 19 अप्रैल 2026 को हुए चुनावों के बाद अनुमान है कि रादेव के गठबंधन को 240 सीटों वाली संसद में पूर्ण बहुमत मिलेगा.
बुल्गारिया की वायु सेना के पूर्व जनरल और फाइटर पायलट रह चुके रादेव ने चुनाव प्रचार के दौरान, नाटो और यूरोपीय संघ को बुल्गारिया का राष्ट्रीय हित बताया. जनवरी 2026 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में उतरने का एलान करने वाले रादेव को मॉस्को का करीबी माना जाता है. राजधानी सोफिया में चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में रादेव और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात का एक वीडियो भी दिखाया गया.
रादेव की जीत से रूस खुश
रूस ने बुल्गारिया के चुनाव नतीजों का स्वागत किया है. रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेशकोव ने सोमवार को नतीजे आने के बाद कहा कि मॉस्को चुनाव प्रचार के दौरान रादेव के बयानों से काफी "प्रभावित" है.
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेय लायन ने भी रादेव को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यूरोपीय चुनौतियों को हल करने में बुल्गारिया की एक अहम भूमिका है. फॉन डेय लायन ने उम्मीद जताई कि यूरोपीय संघ और बुल्गारिया के साथ मिलकर काम करेंगे और क्षेत्र में समृद्धि और सुरक्षा लाएंगे.
इससे पहले 12 अप्रैल 2026 को हंगरी में हुए संसदीय चुनावों में ईयू के मुखर आलोचक और धुर दक्षिणपंथी नेता विक्टर ओरबान की हार हुई. 16 साल तक पीएम रहने वाले ओरबान की हार, यूरोपीय संघ के लिए काफी हद तक राहत भरी रही, क्योंकि वह यूक्रेन और मानवाधिकारों के मुद्दे पर ईयू विरोधी कदम उठाते थे.
यूरोपीय संघ और रादेव के बीच कैसे मतभेद
2017 से 2026 की शुरुआत तक देश के राष्ट्रपति रह चुके रादेव कह चुके हैं कि यूरोप को फिर से प्रतिस्पर्धी बनना होगा और औद्योगिकीकरण को बहाल करना होगा. 62 वर्षीय नेता चाहते हैं कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी यूरोपीय संघ अपना नजरिया बदले.
फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमलाकरने के बाद, यूरोपीय संघ ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए. इन प्रतिबंधों में रूस से जीवाश्म ईंधन खरीदने पर पाबंदी भी शामिल है. रूस से आने वाले तेल और गैस पर प्रतिबंध लगाने की वजह से यूरोप के उद्योगों पर खासा असर पड़ा. यह असर अब भी देखा जा रहा है.
यूक्रेन के मुद्दे पर भी रादेव का लहजा, पुरानी सरकार से अलग है. चुनाव प्रचार के दौरान एक टीवी इंटरव्यू में रादेव ने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री बने तो यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य सहायता नहीं देंगे, लेकिन यूरोपीय संघ के स्तर पर होने वाले ऐसे किसी फैसले को वह ब्लॉक भी नहीं करेंगे.
यूरोपीय संघ के लिए बुल्गारिया की अहमियत
बुल्गारिया के पूर्वी छोर पर काला सागर (ब्लैक सी) और दक्षिण में तुर्की है. काले सागर के सहारे यूरोपीय संघ में दाखिल होने के लिए, बुल्गारिया और रोमानिया यूरोपीय संघ के द्वार से हैं. रूस द्वारा ब्लैक सी के आस पास यूक्रेन के बड़े हिस्से को कब्जाने के बाद, ईयू के लिए बुल्गारिया और रोमानिया की भूमिका काफी अहम हो चुकी है क्योंकि पूर्वी यूरोप का ये देश ईयू के लिए बाहरी सीमाओं का प्रहरी हैं.
बुल्गारिया अब भी ईयू का सबसे गरीब देश है. जनवरी 2026 में बुल्गारिया, यूरो मुद्रा अपनाकर यूरोजोन में शामिल होने वाला 21वां देश बना. यूरोजोन में शामिल होने के बाद बुल्गारिया में पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेजी देखी जा रही है.













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