क्यों हुई जर्मनी के गुरुद्वारे में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प
जर्मनी में डुइसबुर्ग एक गुरुद्वारे में ऐसी हिंसक झड़प हुई कि भारी संख्या में पुलिस को आना पड़ा और हेलिकॉप्टर भी मदद लेनी पड़ी.
जर्मनी में डुइसबुर्ग एक गुरुद्वारे में ऐसी हिंसक झड़प हुई कि भारी संख्या में पुलिस को आना पड़ा और हेलिकॉप्टर भी मदद लेनी पड़ी. सिख समुदाय से जुड़े लोगों ने पैसे का विवाद बताया है.जर्मनीके मोएर्स नामक शहर में "गुरुद्वारा सिंह सभा” में हुई कहासुनी ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया. इस झड़प में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है. मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से लिखा गया है कि रविवार की दोपहर 12.30 बजे के करीब कई इमरजेंसी कॉल प्राप्त हुईं. इन कॉल्स के जरिए निवासियों ने मोएर्स‑शेरपेनबर्ग स्थित एक सिख गुरुद्वारे के परिसर से तेज आवाजें आने की शिकायत की.
इस खबर के बाद पुलिस बड़े पैमाने पर गुरुद्वारे के परिसर में पहुंची. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हेलीकॉप्टर और स्पेशल फोर्सेज का भी इस्तेमाल किया गया.
कैसे हुई झड़प शुरू
इस झड़प का दोष. दो गुट एक दूसरे पर मढ़ रहे हैं. सिख समिति बोर्ड का कहना है कि उन्होंने इस स्थिति को रोकना चाहा पर कुछ पुरुष हाथापाई पर उतर आए और उन्होंने बोर्ड के सदस्यों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया.
सिख समिति के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य हरप्रीत सिंह कहलोन ने जर्मन अखबार "टागेसशाऊ” से कहा, "प्रार्थना के दौरान कुछ महिलाओं ने दान की राशि उठाकर अपने पास रख ली.” इसी बात को लेकर विवाद और हाथापाई की स्थिति बन गई.
वहीं विरोधी पक्ष इस आरोप को मानने से इनकार कर रहा है. विरोधी पक्ष के ओर से जसप्रीत कौर ढिल्लों ने "टागेसशाऊ” को बताया, "प्रार्थना समाप्त होते ही बोर्ड के लोग चाकू और पेपर स्प्रे के साथ हम पर हमला करने लगे.” उनका यह भी कहना है, "हम बोर्ड पर आरोप लगाते हैं कि वह दान की राशि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता नहीं बरत रहा है. हमें भ्रष्टाचार की आशंका है.”
गुरुद्वारे के भीतर दो गुटों का टकराव
बताया जा रहा है कि ‘गुरुद्वारा सिंह सभा' समुदाय के भीतर बोर्ड और कई श्रद्धालुओं के बीच वर्षों से तनाव बना हुआ है. प्रारम्भिक जांच से यह पता चला है कि झगड़े की वजह, नए बोर्ड को लेकर दो गुटों में आपसी तनातनी थी. यह भी बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे की धनराशि पर नियंत्रण को लेकर अलग‑अलग गुटों के बीच मतभेद थे.
जर्मन अखबार बिल्ड को मौके पर मौजूद 56 वर्षीय चश्मदीद सदस्य ने बताया, "प्रार्थना से ठीक पहले कुछ लोगों ने अचानक पेपर स्प्रे निकाला और दूसरों पर हमला किया, फिर किसी ने पिस्तौल से फायर किया. मैंने चाकू भी देखा. असल में मामला पुराने और नए समिति सदस्यों के झगड़े से जुड़ा है. इसमें सामुदायिक धन का मुद्दा भी शामिल है. इन मुद्दों को लेकर लंबे समय से समस्याएं और अशान्ति बनी हुई है. असली मुद्दा यह है कि गुरुद्वारे में किसका दबदबा रहेगा और कौन जरूरी फैसले लेगा."
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, हमला शुरू होते ही अफरा‑तफरी मच गई और कई लोग बाहर की ओर भागे. लेकिन राहत की बात यह है कि किसी की जान को खतरा नहीं है.
हालांकि, एक पुलिस अधिकारी हेनर श्टोएरमर ने "टागेसशाऊ” बताया की "गोली की आवाजों की रिपोर्ट के कारण विशेष इकाइयों को तैनात किया गया था.” हथियार बरामद हुए या नहीं, इस बात पर पुलिस ने कोई टिप्पणी नहीं की. इस झड़प के बाद चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2026 06:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

