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बलात्कार के आरोपी पति पर मुकदमा जर्मन कानूनी दांवपेंच में फंसा

जर्मनी की एक महिला का पूर्व पति नशीली दवाएं दे कर उसे डेढ़ दशकों तक यौन प्रताड़ना देता रहा.

बलात्कार के आरोपी पति पर मुकदमा जर्मन कानूनी दांवपेंच में फंसा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जर्मनी की एक महिला का पूर्व पति नशीली दवाएं दे कर उसे डेढ़ दशकों तक यौन प्रताड़ना देता रहा. मामला सामने आने पर पता चला है कि इनमें से ज्यादातर कथित अपराधों की जांच नहीं हो सकती. जर्मन कानून ने मुश्किल खड़ी कर दी है.क्लाउडिया वुटके को यह भी नहीं पता था कि उनके साथ बलात्कार हुआ है जबतक कि पुलिस ने उन्हें वीडियो के कुछ स्क्रीनशॉट दिखाए. 59 साल की लेखिका वुटके उत्तरी जर्मनी के हैंबर्ग की रहने वाली हैं. पिछले साल जब उन्हें ये तस्वीरें दिखाईं गईं तो भय से उनके रोंगटे खड़े हो गए. उन्होंने समाचार एजेंसी एएफपी से कहा, "बलात्कार की कई स्थितियों में पूरी तरह स्तब्ध महिला, जो मैं थी."

यह बात उन्होंने उन वीडियो के बारे में कही जिनमें 16 साल तक उनके साथ हुए बलात्कार की तस्वीरें हैं. ये वीडियो उनके पति के लैपटॉप से मिले थे. वुटके ने अब यह माना है कि उनके पूर्व पति ने बार-बार उन्हें नशीली दवाएं दे कर उनके साथ बलात्कार किया और यौन अपराधों के वीडियो बनाए. वुटके ने पहली बार इसी साल मई में जर्मन पत्रिका 'डेयर श्पीगल' को अपनी कहानी सुनाई थी.

ज्यादातर मामलों की जांच नहीं हो सकती

उनकी तकलीफ इस बात से और बढ़ गई जब उन्हें पता चला कि 67 कथित अपराधों में से 65 की जांच नहीं हो सकेगी क्योंकि इसके लिए 5 वर्ष की वैधानिक समयसीमा पार हो चुकी है. उनके लिए यह खबर 'दूसरे भूकंप' जैसी थी. वुटके की पीड़ा को जान कर जर्मनी के लोग हैरान हैं और इसकी तुलना फ्रांस के गिजेल पेलिकोके मामले से कर रहे हैं. दो साल पहले फ्रांस की इस महिला के साथ बलात्कार के मुकदमे दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं.

जर्मन पत्रिका डेयर श्पीगल के मुताबिक जर्मन पुलिस को लैपटॉप से मिले वीडियो की जांच में वुटके के साथ हुए यौन दुर्व्यवहारों का भयानक ब्यौरा मिला है. यहां तक कि उनके गुप्तांगों में बेसबॉल बैट डालने जैसी बातों का भी पता चला है. यह सारी घटनाएं वुटके की शादी के दौरान और तलाक के बाद के दौर में हुईं जब वह अपने पूर्व पति के साथ संपर्क में थीं.

हालांकि अब वुटके का सबसे बड़ा डर यह है कि इनमें से ज्यादातर मामले अदालत तक नहीं पहुंच सकेंगे. पूर्व चांसलर अंगेला मैर्केल के दौर में जर्मनी में हुए कानूनी सुधारों को 2016 में लागू किया गया था. इसमें कुछ मामलों की जांच के लिए वैधानिक समयसीमा भी तय की गई थी.

67 में से केवल 2 कथित अपराधों की ही होगी जांच

कानूनी सुधारों का मकसद सजा को सख्त बनाना था. हालांकि इसमें यौन हिंसा से जुड़े कुछ अपराध के लिए जांच की समय सीमा पांच साल बाद खत्म हो जाती है अगर वे उन्हें संगीन बनाने वाले कुछ कारणों से जुड़े ना हों. इस वजह से केवल दो कथित अपराधों की ही जर्मन कानूनों के तहत अब जांच हो सकती है. इनमें से एक है बलात्कार जो माना जाता है कि 2021 में हुआ था. दूसरा है बेसबॉल बैट का इस्तेमाल करना.

वुटके के पूर्व पति को इन दो कथित अपराधों के लिए मुकदमे का सामना करना होगा. इनकी सुनवाई 15 जून से शुरू होगी. दूसरे मामलों की भी सुनवाई हो इसके लिए अभियोजकों का साबित करना होगा कि पीड़ित अक्षमता की स्थिति में थी और मामला संगीन था. वुटके की दलील है कि उनके मामले में यह शर्त जरूर लागू होगीः "अगर यह महिला असहाय नहीं है तो फिर असहाय महिला और कैसी होगी?" वुटके का कहना है कि उनके मामलों से जुड़ी कानूनी बाध्यताओं ने उन्हें, "संवैधानिक राज्य द्वारा त्याग दिया" जैसा महसूस कराया साथ ही "बेहद अकेली" और "असहाय" भी.

वुटके की वकील क्रिस्टीना क्लेम की दलील है कि वर्तमान कानूनी स्थिति "अस्वीकार्य है" और उन्हें उम्मीद है कि उनके मुवक्किल के मामले को लेकर जो सार्वजनिक बहस छिड़ी है वह कानून में बदलाव तक पहुंचेगी. फ्रांस के गिजेल पेलिको मामले में ऐसा हो चुका है. मामले में बढ़ते दबाव का सामना कर रहे जर्मन अधिकारियों ने पिछले महीने कहा कि वे इस मामले को दोबारा खोलेंगे और यह पता करेंगे कि कथित अपराधों में से क्या और मामलों की जांच कराई जा सकती है. हालांकि, फिलहाल वैधानिक सीमाएं लागू हैं. हैंबर्ग की अभियोजक मिया स्पर्लिंग कार्स्टेंस का कहना है, "फिलहाल यह बताना संभव नहीं है कि क्या ये जांच आगे बढ़कर अभियोग तक पहुंचेंगे या फिर ये मामले एक बार फिर गिर जाएंगे." वुटके के पूर्व पति के वकील मोरित्स क्लाय ने इस मामले में प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया.

दूसरों की सहायता के लिए बनाया समूह

वुटके का कहना है कि पेलिको की बहादुरी ने उन्हें भी इस मामले का सामना करने में मदद दी है क्योंकि, "कोई भी बलात्कार के बारे में बात करना नहीं चाहता, कोई इसके बारे में सोचना भी नहीं चाहता." इस मामले में जांच दोबारा खुलने और लोगों का ऑनलाइन समर्थ मिलने से उन्हें थोड़ी उम्मीद जगी है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक वह यही सोचती रहीं, "सबकुछ मेरी गलती थी और मैंने कुछ गलत किया था." हालांकि उन्हें उनके पूर्व पति के हाथों यौन दुर्व्यवहार का जरा सा भी अंदाजा नहीं था.

उन्होंने कहा, "उसके बाद अचानक मुझे पता चला कि मेरी शरीर और मेरी आत्मा के साथ इतने लंबे समय तक क्या कुछ हुआ और मुझे महसूस हुआ कि मैंने कुछ गलत नहीं किया था." उनकी पीड़ा ने उन्हें यौन हिंसा के पीड़ितों के लिए एक सहायता समूह बनाने के लिए प्रेरणा दी. उन्होंने उसका नाम रखा है "उंगेब्रोशेन (अनब्रोकेन)"

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2026 07:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).