कटक, 17 सितंबर देश के प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित ने विधि स्नातकों से शनिवार को आग्रह किया कि वे कानूनी सहायता के काम के प्रति अपना समय और ऊर्जा समर्पित करें।
ओडिशा में यहां स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में प्रधान न्यायाधीश ने अपने संबोधन में विधि स्नातकों से पेशे के प्रति पूर्ण जुनून रखने और नागरिकों के प्रति करुणा दिखाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय तक राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के साथ अपने जुड़ाव के दौरान उन्होंने देखा कि देश में कानूनी सहायता के काम को कई बार उपेक्षा का सामना करना पड़ा।
न्यायमूर्ति ललित ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन युवा स्नातकों से कानूनी सहायता कार्य के लिए अपना समय और ऊर्जा समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, ‘‘इसके बाद, समाज हर मोड़ पर आपके योगदान को लेकर उत्सुक रहेगा’’
उन्होंने कहा कि जब नागरिक अधिकारों को अक्षुण्ण रखने की बात आती है, तो कानून का पेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।
इस मौके पर कुल 221 स्नातकों को डिग्री प्रदान की गई।
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