Law College Gang Rape: लॉ कॉलेज सामूहिक दुष्कर्म मामले में बंगाल सरकार ने जांच में प्रगति की रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी
पश्चिम बंगाल सरकार ने यहां एक लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में कोलकाता पुलिस द्वारा की गई जांच पर बृहस्पतिवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष प्रगति रिपोर्ट पेश की. ‘साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज’ परिसर में एक पूर्व छात्र और दो वरिष्ठ छात्रों द्वारा एक छात्रा के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के मामले में अदालत ने पुलिस की ‘केस डायरी’ पर भी गौर किया.
कोलकाता, 10 जुलाई : पश्चिम बंगाल सरकार ने यहां एक लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में कोलकाता पुलिस द्वारा की गई जांच पर बृहस्पतिवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष प्रगति रिपोर्ट पेश की. ‘साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज’ परिसर में एक पूर्व छात्र और दो वरिष्ठ छात्रों द्वारा एक छात्रा के साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के मामले में अदालत ने पुलिस की ‘केस डायरी’ पर भी गौर किया. इस मामले में जांच की प्रगति रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में पेश की गई. न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार को मामले की जांच में आगे की प्रगति पर चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. अदालत ने निर्देश दिया कि मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी. न्यायमूर्ति स्मिता दास डे भी इस खंडपीठ में शामिल हैं. खंडपीठ ने रिपोर्ट की एक प्रति छात्रा के परिवार के अधिवक्ता को देने और उन्हें इस रिपोर्ट के तथ्यों को उजागर नहीं करने के निर्देश दिए.
पीठ ने तीन जुलाई को राज्य सरकार को ‘साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज’ में सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच की प्रगति पर हलफनामे के रूप में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. न्यायालय ने राज्य को जांच की केस डायरी भी पेश करने का निर्देश दिया था. कॉलेज परिसर में छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के संबंध में तीन जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं. खंडपीठ ने राज्य सरकार से कहा कि वह कानून की छात्रा से जुड़ी इस ‘भयावह घटना’ के संबंध में याचिकाकर्ताओं में से एक द्वारा उठाए गए कुछ प्रश्नों पर सुनवाई की अगली तारीख पर एक रिपोर्ट के रूप में जवाब दें. राज्य से यह पूछा गया कि कैसे एक पूर्व छात्र को प्रवेश नियंत्रण प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए आधिकारिक समय के बाद कॉलेज परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई और कैसे स्टाफ के सदस्य बिना किसी आधिकारिक उद्देश्य या प्रशासनिक पर्यवेक्षण के कॉलेज के कामकाजी समय के बाद भी परिसर में मौजूद रहे. यह भी पढ़ें : Indian Stock Market: टीसीएस के नतीजों से पहले शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 345 अंक गिरा]
अन्य एक याचिकाकर्ता ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को कथित सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता द्वारा शिकायत की गई घटनाओं की ‘प्रारंभिक जांच’ करने और अदालत के समक्ष अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने का अनुरोध किया. यह दावा करते हुए कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा राज्य में सत्तारूढ़ राजनीतिक दल से संबद्ध हैं, याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में अनुरोध किया कि कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मामला कोलकाता पुलिस से सीबीआई को हस्तांतरित की जाए.
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 25 जून को ‘साउथ कलकात्ता लॉ कॉलेज में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. छात्र की शिकायत के बाद, पुलिस ने मुख्य आरोपी पूर्व छात्र मनोजीत मिश्रा, दो छात्रों प्रोमित मुखर्जी और ज़ैद अहमद को गिरफ्तार कर लिया है. बाद में कॉलेज के एक सुरक्षा कर्मी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. वर्तमान में सभी चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2025 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

