WB Banglar Yuva Sathi Scheme: कोलकाता, 15 फरवरी. पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बड़ी चुनावी घोषणा को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है. राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आर्थिक संबल देने के लिए 'बांग्लार युवा साथी' (Banglar Yuva Sathi) योजना का शुभारंभ किया गया है. इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पात्र युवाओं को 1 अप्रैल 2026 से ₹1,500 प्रति माह का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. सरकार ने इस योजना के लिए ₹5,000 करोड़ का प्रारंभिक बजट आवंटित किया है. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana e-KYC Update: लाडकी बहन योजना को लेकर बड़ा अपडेट, 31 मार्च तक e-KYC सुधार की प्रक्रिया पूरी करें
योजना के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
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निवासी: आवेदक पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना चाहिए.
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आयु सीमा: उम्मीदवार की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए.
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शिक्षा: न्यूनतम योग्यता माध्यमिक (कक्षा 10वीं) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है.
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बेरोजगारी: आवेदक वर्तमान में किसी भी सरकारी या निजी क्षेत्र में कार्यरत नहीं होना चाहिए.
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अन्य लाभ: आवेदक राज्य की किसी अन्य कल्याणकारी योजना (जैसे लक्ष्मी भंडार) का लाभ न ले रहा हो. हालांकि, छात्रवृत्ति (Aikyashree, Medhasree आदि) पाने वाले इसके पात्र होंगे.
आवेदन कैसे करें? (Application Process)
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में 15 फरवरी से 26 फरवरी तक विशेष पंजीकरण शिविर (Camps) आयोजित किए हैं.
ऑनलाइन प्रक्रिया:
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आधिकारिक पोर्टल wbsportsandyouth.gov.in पर जाएं.
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'Banglar Yuva Sathi' अनुभाग से आवेदन पत्र (Form-A), स्व-घोषणा पत्र और बैंक मैंडेट फॉर्म डाउनलोड करें.
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मोबाइल नंबर के जरिए पंजीकरण कर ओटीपी (OTP) सत्यापित करें.
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आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें.
आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)
आवेदन के समय आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए:
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आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र.
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माध्यमिक (कक्षा 10वीं) का प्रमाण पत्र या मार्कशीट.
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बैंक पासबुक की छायाप्रति (DBT के जरिए पैसे सीधे खाते में आएंगे).
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हालिया पासपोर्ट साइज फोटो.
योजना का मुख्य उद्देश्य
'बांग्लार युवा साथी' योजना का प्राथमिक लक्ष्य राज्य में बेरोजगारी के प्रभाव को कम करना है. यह भत्ता लाभार्थी को तब तक मिलता रहेगा जब तक उसे स्थायी रोजगार नहीं मिल जाता, या अधिकतम 5 वर्षों तक. सरकार का मानना है कि इस सहायता राशि से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नौकरी की तलाश में मदद मिलेगी.
यात्रियों और स्थानीय युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि (26 फरवरी) से पहले अपने निकटतम शिविर में जाकर या ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लें.













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