देहरादून, 30 मार्च अगले माह से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार ने रविवार से ‘आज से थोड़ा कम’ अभियान शुरू किया।
उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने यहां बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य भोजन में अतिरिक्त नमक, चीनी और वसा की मात्रा को नियंत्रित करना है जिससे हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से बचाव किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत रेस्तरां एवं भोजनालयों को इस बात के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे शेफ और खाद्य विशेषज्ञों के सहयोग से स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन तैयार करें और पोषण संतुलन का ध्यान रखें। कुमार ने कहा कि इस अभियान के तहत बैनर, पोस्टर एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए जागरुकता बढ़ाई जा रही है।
सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए विभाग ने ‘री-पर्पज यूज़्ड कुकिंग ऑयल’ (आरयूसीओ) पहल शुरू की है जिसमें बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल के दुष्प्रभावों को कम करने और उसे दोबारा खाद्य श्रृंखला में आने से रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रयुक्त तेल को एकत्रित कर बायोडीजल, साबुन और अन्य गैर-खाद्य उत्पादों में पुन:चक्रित किया जाएगा जिससे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और यकृत संबंधी बीमारियों से बचाव होने के साथ ही पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सकेगा ।
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने ‘ट्रिपल ई’ (एजुकेट, एनफोर्स, एस्टेबलिश) रणनीति भी बनाई है जिसमें खाद्य व्यवसायियों एवं नागरिकों को प्रयुक्त तेल के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित करना, खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सख्ती से लागू कराना और प्रयुक्त तेल के संग्रहण एवं निस्तारण के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली स्थापित करना शामिल हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘चारधाम यात्रा पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ‘आज से थोड़ा कम’ और ‘आरयूसीओ’ जैसी पहलों से न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।’’
उत्तराखंड खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर खाद्य सुरक्षा मानकों को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा और किसी भी प्रकार की खाद्य असुरक्षा या मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ।
उन्होंने कहा, ‘‘हम तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को स्वस्थ तथा स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रत्येक खाद्य व्यवसायी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन करें।’’
जग्गी ने कहा कि इन प्रयासों से यात्रा मार्ग पर परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा और श्रद्धालुओं को स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित भोजन मिल सकेगा।
तीस अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी।
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