तिरुवनंतपुरम, 26 जून कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि ‘सुरक्षित केरल’ योजना के तहत खरीदे गए लैपटॉप में अनिमियतता बरती गई है। इससे पहले पार्टी ने इसी योजना के तहत खरीदे गए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कैमरे में वाम सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने दावा किया कि वास्तविक मूल्य से तीन गुना से अधिक कीमत पर योजना के लिए लैपटॉप खरीदे गए हैं। उन्होंने ही सबसे पहले एआई कैमरे की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
चेन्निथला ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि जिन विशेषताओं वाले लैपटॉप खरीदे गए हैं उनकी कीमत 57 हजार प्रति यूनिट है; लेकिन सरकार ने 358 लैपटॉप 1.48 लाख प्रति यूनिट की दर से पांच करोड़ रुपये में खरीदे हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जो निजी कंपनी एआई कैमरे लगाने में संलिप्त थी, वही लैपटॉप खरीद के पीछे भी है।
हालांकि, कांग्रेस नेता के आरोपों पर न तो राज्य सरकार ने और न ही उक्त निजी कंपनी ने प्रतिक्रिया दी है।
चेन्निथला ने कहा कि जल्द ही वह इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि इन तथ्यों को वह केरल उच्च न्यायालय के समक्ष भी रखेंगे जहां उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन के साथ योजना को रद्द करने के लिए संयुक्त रूप से अर्जी दी है।
उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह बिना स्पष्टीकरण या अगले आदेश तक योजना के संबंध में कोई वित्तीय भुगतान नहीं करे।
गौरतलब है कि केरल सरकार ने वर्ष 2020 में परियोजना के लिए सरकारी कंपनी ‘केलट्रॉन’ के साथ करार किया था। इस साल अप्रैल में मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने ‘सुरक्षित केरल’ योजना की शुरुआत की थी जिसके तहत एआई कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि सड़क हादसों और यातायात नियमों के उल्लंघन की घटनाएं रोकी जा सकें।
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