कोहिमा, छह जून नगालैंड सरकार बाहर से लौटी कोविड-19 संक्रमित एक महिला को अन्य लोगों के साथ बस में उसके गृह जिले भेजने की घटना को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। राज्य में इस तरह की यह दूसरी घटना है ।
विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री टी आर जेलियांग ने इस घटना को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसी गलती जो दूसरों की जिंदगी को खतरे में डाल दे वह माफी योग्य नहीं और अपराध है।
महिला को पेरन जिला भेजा गया था। पेरन जिले में कोविड-19 पर संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने कहा कि यह मानक संचालन प्रक्रिया का घोर उल्लंघन है और इस घटना के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
जेएसी में मुख्य रूप से नागरिक संस्थाओं के सदस्य होते हैं।
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नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री जेलियांग ने ट्वीट किया, “पेरन जिले की कोविड-19 जेएसी द्वारा सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष संक्रमित रोगी को भेजे जाने पर अपनी चिंता जाहिर करने के बावजूद उसका जालुकी पहुंचना जनता के फैसले की अवहेलना है।”
चेन्नई से लौटी एक महिला के दीमापुर से पेरन जिले में उसके घर जालुकी भेजा गया था। महिला बृहस्पतिवार को एक बस से यहां पहुंची थी जिसमें उसके अलावा 16 अन्य यात्री थे। यात्रा शुरू करने से पहले इन 16 लोगों की जांच रिपोर्ट ठीक थी और महिला की जांच के नतीजों का इंतजार था, जो बाद में संक्रमित पाई गई।
नगालैंड के स्वास्थ्य सचि केसोनयू योम ने इस “गैरइरादतन चूक” पर खेद जताते हुए कहा कि इस महिला और एक अन्य महिला के नाम में समानता होने की वजह से यह चूक हुई।
ऐसे ही एक अन्य मामले में पिछले महीने कोहिमा में एक व्यक्ति को पृथक-वास केंद्र से उसकी जांच रिपोर्ट आने से पहले ही भेज दिया गया। उसे 150 अन्य लोगों के साथ ट्यूनसेंग जिला भेजा गया था। बाद में आई रिपोर्ट में वह संक्रमित पाया गया था।
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