काठमांडू, 18 अप्रैल नेपाल सरकार पनबिजली क्षेत्र के महत्व को समझती है और देश की समृद्धि के लिए इस हरित ऊर्जा के निर्यात को बढ़ावा दे रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' ने मंगलवार को यह बात कही।
वह 'पावर समिट 2023' के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि थे। इस शिखर सम्मेलन का मकसद हरित ऊर्जा बाजार को बढ़ावा देना है।
नेपाल स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ (आईपीपीएएन) द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन में भारत, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका सहित लगभग दो दर्जन देशों के 250 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
प्रचंड ने कहा कि आर्थिक समृद्धि हासिल करने के लिए नेपाल की अधिशेष बिजली को निर्यात करने की जरूरत है।
उन्होंने नेपाल में चार क्षेत्रों की पहचान की, जहां पनबिजली का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये क्षेत्र कृषि, रसोई ईंधन, उद्योग और परिवहन हैं।
नेपाल की पनबिजली क्षमता 50,000 मेगावाट से अधिक होने का अनुमान है, हालांकि इस समय स्थापित क्षमता 800 मेगावाट है।
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