तिरुवनंतपुरम, एक फरवरी केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि इसमें राज्य की सभी महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी की गई है। उन्होंने इसे ‘‘अत्यंत निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया।
एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने केंद्रीय बजट में 24,000 करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय पैकेज और अभूतपूर्व भूस्खलन त्रासदी का सामना करने वाले वायनाड के पुनर्वास के लिए एक और पैकेज की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि यह भी मांग की गई थी कि विझिंजम बंदरगाह के राष्ट्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे तरजीह दी जाए।
विजयन ने कहा, ‘‘बजट में इनमें से किसी पर भी विचार नहीं किया गया। राज्य को कोई बड़ी परियोजना आवंटित नहीं की गई। एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान)और रेलवे कोच फैक्टरी जैसी लगातार की जा रही सभी मांगें इस बजट में भी खारिज कर दी गई हैं।’’
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट का दृष्टिकोण ‘‘अत्यधिक निंदनीय’’ है, जो केरल की प्रमुख मांगों की पूरी तरह से उपेक्षा करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के लिए कुल 25 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, लेकिन केरल को 40,000 करोड़ रुपये भी मिलने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि उधार सीमा के संदर्भ में राज्य द्वारा रखी गई मांगों को भी खारिज कर दिया गया है।
विजयन ने दावा किया, ‘‘केरल को उसकी प्रगति के लिए दंडित किया जा रहा है, जिसमें शिक्षा क्षेत्र भी शामिल है। यदि प्रगति हुई है, तो उसके लिए कोई आवंटन नहीं है। यदि किसी क्षेत्र में अभी भी प्रगति की आवश्यकता है, तो उसके लिए भी कोई आवंटन नहीं हुआ है।’’
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