इडुक्की (केरल), नौ अगस्त केरल में हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मिट्टी सरकने से होने वाली मौतों के बीच मलबे में दबे अपने परिजनों को बाहर निकालने के लिये लोग बचाव और राहत कर्मियों से गुहार लगा रहे हैं।
शुक्रवार को यहां हुए भूस्खलन के बाद 70 वर्षीय एक महिला के परिजनों का कोई अता-पता नहीं है।
एक-एक दिन बीतने के साथ ही करुपई अपने परिवार वालों से मिलने की उम्मीद खोती जा रही हैं।
बचाव कर्मी जैसे ही कोई शव बाहर निकालते हैं वह दौड़ कर उसके पास यह सोचकर जाती हैं कि कहीं वह उनके किसी अपने का न हो।
राजमाला के पेट्टीमुडी में एक-एक कमरे वाले आपस में जुड़े बीस घरों पर मलबा गिरने से 82 मजदूर और उनके परिजन उसके नीचे दब गए।
करुपई के पति षणमुगम, तीन बेटियां, दामाद और तीन नाती-पोते भी उस मलबे के नीचे दबे हैं।
षणमुगम, उनकी बेटियां और दामाद चाय के बागान में काम करते थे।
एनडीआरएफ और अन्य बचाव कर्मियों द्वारा बाहर निकाले जा रहे शवों की संख्या रविवार शाम तक 42 हो गई है।
एक अन्य बुजुर्ग रमार के दुख की कोई सीमा नहीं है।
उनका बेटा, बेटी और परिवार के 13 अन्य सदस्य भी हादसे का शिकार हो गए।
उन्होंने कहा, “सभी चले गए। मैं उन्हें देखे बिना नहीं जाऊंगा।”
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