तिरुवनंतपुरम, 12 सितंबर केरल विधानसभा में मंगलवार को सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कैमरा लगाए जाने को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाए।
यूडीएफ ने सवाल किया कि सरकारी इलेक्टॉनिक्स कंपनी केल्ट्रोन को परियोजना का ठेका क्यों दिया गया, जबकि वह कथित तौर पर ऐसा कोई उपकरण नहीं बनाती है।
एलडीएफ ने विपक्ष के आरोप को "गैर-जिम्मेदाराना" और "अनुचित" करार देते हुए पलटवार किया, क्योंकि यूडीएफ ने अपने शासन के दौरान राज्य भर में कैमरे लगाने के लिए केल्ट्रोन की सेवाएं ली थीं।
राज्य के परिवहन मंत्री एंटनी राजू और उद्योग मंत्री पी. राजीव ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तिरुवंचूर राधाकृष्णन का यह बेहद अनुचित और गैर-जिम्मेदाराना बयान है कि सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम केरल राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (केल्ट्रोन) कोई उपकरण नहीं बनाता है।
मंत्री ने कहा कि पिछली यूडीएफ सरकार में गृहमंत्री रहे राधाकृष्णन ने एआई कैमरा परियोजना की तुलना में अधिक लागत पर पूरे राज्य में कैमरे स्थापित करने के लिये केल्ट्रोन की सेवाओं का उपयोग किया था। उन्होंने कहा कि केल्ट्रोन द्वारा बनाए गए उपकरणों का उपयोग इसरो के चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 मिशन में भी किया गया था।
राजू ने सदन में विपक्ष के इस आरोप से भी इनकार किया कि निविदा दस्तावेज के अनुसार परियोजना को ‘बीओओटी’ (निर्माण, स्वामित्व, संचालन, हस्तांतरण) मॉडल के तहत लागू किया जाना था, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया।
मंत्री ने कहा कि एआई कैमरे लगाए जाने से राज्य में दुर्घटनाओं और यातायात उल्लंघन को कम करने में मदद मिली है।
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