जम्मू, 13 सितंबर जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान एक सैनिक की जान बचाने वाली, सेना की श्वान इकाई की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर केंट ने शहीद होने से पहले कुल नौ अभियानों में हिस्सा लिया था।
राजौरी जिले में मंगलवार को मुठभेड़ के दौरान अपने ‘हैंडलर’ को बचाने की कोशिश में सेना की 21वीं श्वान इकाई की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर केंट की मौत हो गयी थी।
रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ केंट भाग रहे आतंकवादियों का पीछा कर रहे सैनिकों की एक टुकड़ी का नेतृत्व कर रही थी। गोलीबारी में उसकी मौत हो गई।’’
सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा, ‘‘हमारी केंट ने अपने हैंडलर को बचाने के लिए अपनी जान दे दी। उसने सबसे पहले आगे बढ़कर आतंकवादी पर हमला किया।’’
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुदूरवर्ती नारला गांव में तीन दिन से जारी अभियान के दौरान दो आतंकवादी मारे गए जबकि सेना का एक जवान भी शहीद हो गया। इसके अलावा इस अभियान में सेना के दो जवान और पुलिस के एक विशेष अधिकारी घायल हो गए। केंट ने 'ऑपरेशन सुजलीगाला' का नेतृत्व किया।
केंट के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया और उस पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। सेना के जवानों ने बुधवार को केंट को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
सुनहरे रंग की केंट ने पिछले साल 14 नवंबर को पुंछ में अपने पहले अभियान में हिस्सा लिया था।
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