मनोनीत गुलाम अली ने कहा कि अगर पुरानी गलतियां नहीं होतीं तो करगिल युद्ध की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर की मौजूदा समस्या के लिए कांग्रेस मुख्य रूप से जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 से कुछ परिवारों को फायदा होता था और वे ही पीढ़ी दर पीढ़ी लाभ उठा रहे थे।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से वहां अमन है और एक ओर कारोबार बढ़ रहा है, वहीं खेती भी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में बिचौलिए खत्म हो रहे हैं।
कांग्रेस की रजनी पाटिल ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त हुए चार साल हो गए लेकिन अब भी लक्षित हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को अब तक राज्य का दर्जा नहीं दिया गया और न ही चुनाव कराए गए हैं।
उन्होंने कश्मीर समस्या के लिए नेहरू की आलोचना को व्यर्थ बताते हुए कहा कि वह खुद कश्मीरी पंडित थे और उनकी ही वजह से जम्मू कश्मीर भारत का अंग बना। उन्होंने जम्मू कश्मीर में कांग्रेस की विभिन्न सरकारों द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों का जिक्र किया।
कांग्रेस सदस्य ने आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर में गुजरात के लोगों को ठेके दिए जा रहे हैं।
विधेयकों पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के बिप्लब देब ने कहा कि जम्मू कश्मीर में जिस तरीके से कुछ लोगों को विस्थापित किया गया, हमें उस दर्द को महसूस करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नयी पीढ़ी को इस सदन से पता चलना चाहिए कि कश्मीरी पंडितों के साथ क्या व्यवहार किया गया था।
राकांपा की फौजिया खान ने आतंकवाद एक प्रकार का कैंसर है जो हमारे स्वर्ग कश्मीर को खा रहा है। उन्होंने कहा कि नफरत से नफरत को नहीं मिटाया जा सकता था।
निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि इन विधेयकों से उन लोगों को न्याय मिलेगा जिन्हें वर्षों से न्याय नहीं मिला था।
भाजपा नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि सरकार अब भी अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की बात को स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मामले में भी यही बात थी।
भाजपा के अनिल जैन ने कश्मीर समस्या के लिए पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को जिम्मेदार ठहराया।
शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल किया कि जम्मू कश्मीर में चुनाव कब तक होंगे।
चर्चा में भाजपा की सुमित्रा वाल्मीकि, सुमेर सिंह सोलंकी, कृष्ण लाल पंवार, सिकंदर कुमार, समीर उरांव,
आईयूएमएल के अब्दुल बहाव, भाकपा के संतोष कुमार पी, टीएमसी (एम) के जीके वासन, अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै, टीएमसी (एम) के जीके वासन, कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, माकपा के जॉन ब्रिटास, भाजपा के राधामोहन अग्रवाल ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।
अविनाश ब्रजेन्द्र
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